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22 गांवाें में घुसा बाढ़ का पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Aug 2017 12:04 AM IST
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बाढ़
- फोटो : amar ujala
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बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी से गांजर में बाढ़ विकराल रूप ले सकती है। रेउसा इलाके में 22 गांवाें में पहले से ही बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। बुधवार को घाघरा में सवा तीन लाख क्यूसेक पानी और बैराजों से छोड़ दिया गया है।
इससे बाढ़ की चपेट में आए गांवों की मुसीबत और बढ़ेगी। वहीं नदी का पानी गोड़ियनपुरवा गांव को मिटाने पर तुला हुआ है। महज गांव में अब आठ घर ही बचे हैं। रेउसा क्षेत्र के कोनी, दुर्गापुरवा, गोड़ियन पुरवा व रामलाल पुरवा समेत 22 गांव बीते दो दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं।
इन्हीं गांवों में जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक गांव में दो से ढाई फीट ऊंचाई तक पानी भर चुका है। तमाम झोपड़ियां पानी में डूबी हुईं हैं। पक्के मकान भी जद में आ रहे हैं।
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उधर बुधवार को बैराजों से 318636 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे संभावना जताई जा रही है, कि बाढ़ की हालत और भी विकराल हो सकती है। बहरहाल बाढ़ग्रस्त इलाके में पानी तेजी से बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्र के सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो चुके हैं, खेतों में मौजूद फसलें बर्बाद हो रही हैं। गुरगुचपुर के निकट मौजूद पुलिया को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। हालत यह है कि आबादी से लेकर खेतों तक लोग नाव के सहारे चलने को मजबूर हैं।
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इससे बाढ़ की चपेट में आए गांवों की मुसीबत और बढ़ेगी। वहीं नदी का पानी गोड़ियनपुरवा गांव को मिटाने पर तुला हुआ है। महज गांव में अब आठ घर ही बचे हैं। रेउसा क्षेत्र के कोनी, दुर्गापुरवा, गोड़ियन पुरवा व रामलाल पुरवा समेत 22 गांव बीते दो दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं।
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इन्हीं गांवों में जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक गांव में दो से ढाई फीट ऊंचाई तक पानी भर चुका है। तमाम झोपड़ियां पानी में डूबी हुईं हैं। पक्के मकान भी जद में आ रहे हैं।
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उधर बुधवार को बैराजों से 318636 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे संभावना जताई जा रही है, कि बाढ़ की हालत और भी विकराल हो सकती है। बहरहाल बाढ़ग्रस्त इलाके में पानी तेजी से बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्र के सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो चुके हैं, खेतों में मौजूद फसलें बर्बाद हो रही हैं। गुरगुचपुर के निकट मौजूद पुलिया को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। हालत यह है कि आबादी से लेकर खेतों तक लोग नाव के सहारे चलने को मजबूर हैं।