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ऑनर किलिंग में पिता को आजीवन कारावास
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सीतापुर। दो साल पहले रामकोट इलाके में प्रेम-प्रसंग के चलते बेटी की हत्या के आरोपी पिता को गुरुवार को कोर्ट ने आजीवन कारावास के साथ दस हजार का अर्थदंड लगाने की की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कोर्ट ने रामकोट के तत्कालीन एसओ के खिलाफ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी एडीजीसी क्रिमिनल अफान हसन सिददीकी व जिला शासकीय अधिवक्ता प्रशांत शुक्ला ने की। रामकोट इलाके के भवानीपुर कालिका बक्स गांव में एक मार्च 2019 को शिल्पी (20) की हत्या कर दी गई थी। हत्या करने के बाद शव को घर के पीछे फेंक दिया गया था।
इस मामले में मृतका के पिता श्रीराम यादव ने ही अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। अज्ञात के खिलाफ केस दर्जकर पुलिस ने जांच शुरू की तो चौंकाने वाला मामला सामने आया था। जिला न्यायाधीश कुलदीप कुमार की कोर्ट में रामकोट पुलिस की ओर से दाखिल किए आरोप पत्र में बताया गया कि युवती की हत्या उसी के पिता ने की थी।
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आरोप पत्र में इस बात का जिक्र किया गया कि श्रीराम की बेटी का उसके बेटे के साले से प्रेम-प्रसंग था। उसके साथ वह पंजाब चली गई थी, जहां पर एक माह रुकी थी। इसके बाद पिता उसी लड़के से शादी करा देने की बात कहकर बेटी को घर ले आया था। घर लाने के बाद बेटी की शादी दूसरे लड़के से तय करने लगा।
आरोप था कि लड़की के शादी से इनकार करने पर बांके से काटकर हत्या कर दी गयी थी। मामले में पुलिस ने कोर्ट में 15 गवाह पेश किए, जिसमें से 9 अपने बयानों से मुकर गए थे। मामले में गवाहों की दलीलों को सुनने के बाद और साक्ष्यों के आधार पर जिला न्यायाधीश कुलदीप कुमार ने गुरुवार को हत्यारोपी पिता श्रीराम को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने इस मामले में रामकोट थाने के तत्कालीन एसओ उमाकांत दीपक को भी लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ भी केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी एडीजीसी क्रिमिनल अफान हसन सिददीकी व जिला शासकीय अधिवक्ता प्रशांत शुक्ला ने की। रामकोट इलाके के भवानीपुर कालिका बक्स गांव में एक मार्च 2019 को शिल्पी (20) की हत्या कर दी गई थी। हत्या करने के बाद शव को घर के पीछे फेंक दिया गया था।
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इस मामले में मृतका के पिता श्रीराम यादव ने ही अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। अज्ञात के खिलाफ केस दर्जकर पुलिस ने जांच शुरू की तो चौंकाने वाला मामला सामने आया था। जिला न्यायाधीश कुलदीप कुमार की कोर्ट में रामकोट पुलिस की ओर से दाखिल किए आरोप पत्र में बताया गया कि युवती की हत्या उसी के पिता ने की थी।
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आरोप पत्र में इस बात का जिक्र किया गया कि श्रीराम की बेटी का उसके बेटे के साले से प्रेम-प्रसंग था। उसके साथ वह पंजाब चली गई थी, जहां पर एक माह रुकी थी। इसके बाद पिता उसी लड़के से शादी करा देने की बात कहकर बेटी को घर ले आया था। घर लाने के बाद बेटी की शादी दूसरे लड़के से तय करने लगा।
आरोप था कि लड़की के शादी से इनकार करने पर बांके से काटकर हत्या कर दी गयी थी। मामले में पुलिस ने कोर्ट में 15 गवाह पेश किए, जिसमें से 9 अपने बयानों से मुकर गए थे। मामले में गवाहों की दलीलों को सुनने के बाद और साक्ष्यों के आधार पर जिला न्यायाधीश कुलदीप कुमार ने गुरुवार को हत्यारोपी पिता श्रीराम को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने इस मामले में रामकोट थाने के तत्कालीन एसओ उमाकांत दीपक को भी लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ भी केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।