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किले को छावनी में तब्दील देख हर कोई सहमा
सीतापुर/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:11 PM IST
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प्रशासन की सख्ती देख आयोजकों को बैकफुट पर आते हुए महासम्मेलन स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी। जिसके बाद आशंकित लोगों ने राहत की सांस ली।
मालूम हो, कि महमूदाबाद किले में 27 नवंबर को धर्म और इंसानियत विषयक महासम्मेलन आयोजित करने की घोषण की गई थी। उधर प्रसिद्ध संकटा देवी मंदिर की बाग व सरोवर पर स्टेट के उत्तराधिकारी मो. अमीर मोहम्मद खां द्वारा अपना अधिकार जताने के विरोध में मंदिर प्रबंध समिति एवं विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन का इसी दिन ऐलान किया गया था।
प्रशासन द्वारा किले में 27 नवंबर को प्रस्तावित धर्म व इंसानियत विषयक महासम्मेलन व मंदिर प्रबंध समिति के प्रदर्शन की अनुमति पंचायत चुनाव में आचार संहिता और धारा 144 लागू होने के कारण नहीं दी गई। इस मसले में डीएम डॉ. इन्द्रवीर सिंह व एसपी कवीन्द्र प्रताप सिंह ने एसडीएम अजय कुमार सिंह तथा पुलिस उपाधीक्षक वीबी सिंह को दोनों आयोजनों पर रोक लगाने के सख्त आदेश जारी किए।
डीएम के आदेश के बाद एसडीएम ने दोनों आयोजनों पर रोक लगा दी। जिसके बाद मंदिर प्रबंध समिति के आयोजकों ने प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर अफसरों को लिखित रूप से सूचित कर दिया।
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लेकिन किले में होने वाले महासम्मेलन की तैयारियां बदस्तूर चलती रहीं। जिस पर एसडीएम और सीओ ने किले से अनवार अली व अच्छे आगा को बुलवाकर स्पष्ट और कड़े शब्दों में हिदायत दी कि धारा 144 लागू होने के कारण किसी भी कीमत पर महासम्मेलन की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
चेतावनी के बाद भी किला परिसर में महासम्मेलन के लिए मंच बनने के साथ ही पांडाल लगने लगा। जिससे गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे अफसरों ने गुरुवार की रात में महमूदाबाद, लखनऊ वाया कुर्सी मार्ग पर सदना पेट्रोल पम्प के पास बेरीकेडिंग कर भारी संख्या में पीएसी और पुलिस के जवानों की तैनाती कर दी।
पूरी रात एसडीएम अजय कुमार सिंह, सीओ वीबी सिंह, कोतवाल बीके शाही किले की हर गतिविधियों पर नजर रखते हुए दौड़-भाग करते रहे। शुक्रवार की सुबह इलाके को छावनी में तब्दील देख लोग सहमे रहे। क्षेत्र में सन्नाटे की स्थिति बनी रही।
प्रशासन के कड़े तेवर देख महासम्मेलन के आयोजकों को बैकफुट पर जाना पड़ा। थोड़ी देर बाद आयोजकों ने महासम्मेलन स्थगित किये जाने की घोषणा लाउडस्पीकर से नगर में प्रसारित कराई। जिसके बाद ऊहापोह की स्थिति सामान्य हुई और क्षेत्रीय नागरिकों के साथ अफसरों ने राहत की सांस ली।
किले का दावा: महासम्मेलन को सभी वर्गों का समर्थन
महासम्मेलन के स्थगन की घोषणा के बाद किले की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया। जारी बयान में दावा किया गया है, कि महासम्मेलन के लिए सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त हो रहा था। आयोजन का उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना था। पर आचार संहिता व प्रशासन के अनुरोध पर अग्रिम तिथियों तक कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
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मालूम हो, कि महमूदाबाद किले में 27 नवंबर को धर्म और इंसानियत विषयक महासम्मेलन आयोजित करने की घोषण की गई थी। उधर प्रसिद्ध संकटा देवी मंदिर की बाग व सरोवर पर स्टेट के उत्तराधिकारी मो. अमीर मोहम्मद खां द्वारा अपना अधिकार जताने के विरोध में मंदिर प्रबंध समिति एवं विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन का इसी दिन ऐलान किया गया था।
प्रशासन द्वारा किले में 27 नवंबर को प्रस्तावित धर्म व इंसानियत विषयक महासम्मेलन व मंदिर प्रबंध समिति के प्रदर्शन की अनुमति पंचायत चुनाव में आचार संहिता और धारा 144 लागू होने के कारण नहीं दी गई। इस मसले में डीएम डॉ. इन्द्रवीर सिंह व एसपी कवीन्द्र प्रताप सिंह ने एसडीएम अजय कुमार सिंह तथा पुलिस उपाधीक्षक वीबी सिंह को दोनों आयोजनों पर रोक लगाने के सख्त आदेश जारी किए।
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डीएम के आदेश के बाद एसडीएम ने दोनों आयोजनों पर रोक लगा दी। जिसके बाद मंदिर प्रबंध समिति के आयोजकों ने प्रदर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर अफसरों को लिखित रूप से सूचित कर दिया।
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लेकिन किले में होने वाले महासम्मेलन की तैयारियां बदस्तूर चलती रहीं। जिस पर एसडीएम और सीओ ने किले से अनवार अली व अच्छे आगा को बुलवाकर स्पष्ट और कड़े शब्दों में हिदायत दी कि धारा 144 लागू होने के कारण किसी भी कीमत पर महासम्मेलन की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
चेतावनी के बाद भी किला परिसर में महासम्मेलन के लिए मंच बनने के साथ ही पांडाल लगने लगा। जिससे गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे अफसरों ने गुरुवार की रात में महमूदाबाद, लखनऊ वाया कुर्सी मार्ग पर सदना पेट्रोल पम्प के पास बेरीकेडिंग कर भारी संख्या में पीएसी और पुलिस के जवानों की तैनाती कर दी।
पूरी रात एसडीएम अजय कुमार सिंह, सीओ वीबी सिंह, कोतवाल बीके शाही किले की हर गतिविधियों पर नजर रखते हुए दौड़-भाग करते रहे। शुक्रवार की सुबह इलाके को छावनी में तब्दील देख लोग सहमे रहे। क्षेत्र में सन्नाटे की स्थिति बनी रही।
प्रशासन के कड़े तेवर देख महासम्मेलन के आयोजकों को बैकफुट पर जाना पड़ा। थोड़ी देर बाद आयोजकों ने महासम्मेलन स्थगित किये जाने की घोषणा लाउडस्पीकर से नगर में प्रसारित कराई। जिसके बाद ऊहापोह की स्थिति सामान्य हुई और क्षेत्रीय नागरिकों के साथ अफसरों ने राहत की सांस ली।
किले का दावा: महासम्मेलन को सभी वर्गों का समर्थन
महासम्मेलन के स्थगन की घोषणा के बाद किले की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया। जारी बयान में दावा किया गया है, कि महासम्मेलन के लिए सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त हो रहा था। आयोजन का उद्देश्य समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना था। पर आचार संहिता व प्रशासन के अनुरोध पर अग्रिम तिथियों तक कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।