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जिले में डेंगू के इलाज के पुख्ता इंतजाम नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jun 2017 10:05 PM IST
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- फोटो : Getty Images
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कुछ दिनों में मानसून दस्तक देने वाला है। जलभराव से मच्छर बढ़ेंगे। इन्हीं मच्छरों से डेंगू फैलने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं जिले में स्वास्थ्य विभाग की हालत ये है कि यहां पर आज भी डेंगू से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
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खासकर जब बात ब्लड से प्लेटलेट्स निकालने की और उसे मरीज को चढ़ाने की हो। तो जिला अस्पताल असहाय नजर आता है। डेंगू के इलाज के मामले में जिला आज भी लखनऊ पर निर्भर है।
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बीते वर्ष जिले में डेंगू ने बड़े स्तर पर पांव पसारा था। जिला अस्पताल तो डेंगू के इलाज में असहाय नजर आ रहा था। जबकि प्राइवेट चिकित्सक भी मरीजों को लखनऊ रेफर कर रहे थे। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड तो बना दिया गया था, लेकिन जांच से लेकर पर्याप्त इलाज की व्यवस्था यहां नहीं थी।
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बीते वर्ष के सरकारी आंकड़ों को देखें तो 2016 में डेंगू से 187 लोग बीमार हुए थे। जबकि 3 की मौत हो गई थी। जबकि सच्चाई इससे जुदा है। अब तक 4 मरीज सामने आ चुके हैं। एक की जान भी चली गई है, जिससे एक बार फिर डेंगू के मरीज मिलने के आसार बढ़ गए हैं।
अस्पताल प्रशासन इलाज के दावे तो कर रहा है, लेकिन अभी तक जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड तक बनाया नहीं जा सका है। सच्चाई यह है कि यहां पर जांच तो हो जाएगी, लेकिन जब प्लेटलेट्स चढ़ाने का नंबर आएगा, तो अस्पताल प्रशासन हाथ खड़े कर देगा। यहां पर ब्लड से प्लेटले्टस निकालने वाली ब्लड सेपरेटर मशीन ही मौजूद नहीं है। नतीजा डेंगू के इलाज के लिए अब भी लोगों को लखनऊ पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।