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Sitapur News: प्रधानमंत्री आवास के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोपियों को कोर्ट ने किया तलब
Sun, 05 Apr 2026 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 05 Apr 2026 12:06 AM IST
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सीतापुर। गोंदलामऊ ब्लॉक की हिंडौरा ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के एवज में घूस लेने की आरोपी प्रधान श्यामा देवी व उनके पुत्र उमेश को अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन अदालत ने तलब किया है। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन अंशुमान विक्रम सिंह ने दोनों आरोपियों को समंस भेजकर अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिए है।
गोंदलामऊ ब्लॉक की हिंडौरा ग्राम पंचायत में प्रधान श्यामा देवी पर वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री आवास देने के नाम पर घूस लेने के आरोप लगे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन एआर कोऑपरेटिव व अधिशासी अभियंता शारदा नहर प्रखंड ने जांच की थी। जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने 20 अगस्त 2020 को इसे आपराधिक कृत्य मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में चार वर्ष बाद तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी निधि बंसल के आदेश पर 30 जुलाई 2024 को संदना थाने में सहायक विकास अधिकारी कृषि प्रमोद कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक रामदुलार रावत को मिली थी। तत्कालीन विवेचक रामदुलार रावत ने इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट 13 अगस्त 2024 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय न्यायालय में दाखिल की थी। इसमें विवेचक ने मृतक दुन्ना के बयान लापरवाहीपूर्वक दर्ज दिखाए थे। इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय स्वरांगी शुक्ला ने विवेचक को कड़ी फटकार लगाते हुए विवेचना निरस्त कर दी थी। इसके साथ ही दोबारा विवेचना के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक संदना अरविंद कटियार ने दोबारा जांच शुरू की। इस बीच मामले की सुनवाई अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में स्थानांतरित हो गई। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कटियार ने अपनी विवेचना में प्रधान व उनके पुत्र उमेश पर आरोप के सापेक्ष पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात लिखी है। इस आधार पर अदालत ने प्रधान व उनके पुत्र को 6 मई को समंस भेजकर तलब किया है।
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गोंदलामऊ ब्लॉक की हिंडौरा ग्राम पंचायत में प्रधान श्यामा देवी पर वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री आवास देने के नाम पर घूस लेने के आरोप लगे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन एआर कोऑपरेटिव व अधिशासी अभियंता शारदा नहर प्रखंड ने जांच की थी। जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने 20 अगस्त 2020 को इसे आपराधिक कृत्य मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में चार वर्ष बाद तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी निधि बंसल के आदेश पर 30 जुलाई 2024 को संदना थाने में सहायक विकास अधिकारी कृषि प्रमोद कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक रामदुलार रावत को मिली थी। तत्कालीन विवेचक रामदुलार रावत ने इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट 13 अगस्त 2024 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय न्यायालय में दाखिल की थी। इसमें विवेचक ने मृतक दुन्ना के बयान लापरवाहीपूर्वक दर्ज दिखाए थे। इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय स्वरांगी शुक्ला ने विवेचक को कड़ी फटकार लगाते हुए विवेचना निरस्त कर दी थी। इसके साथ ही दोबारा विवेचना के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक संदना अरविंद कटियार ने दोबारा जांच शुरू की। इस बीच मामले की सुनवाई अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में स्थानांतरित हो गई। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कटियार ने अपनी विवेचना में प्रधान व उनके पुत्र उमेश पर आरोप के सापेक्ष पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात लिखी है। इस आधार पर अदालत ने प्रधान व उनके पुत्र को 6 मई को समंस भेजकर तलब किया है।
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