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आयुष्मान भारत : सिर्फ छह निजी अस्पताल ही इलाज की दे रहे सुविधा
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सीतापुर। आयुष्मान योजना में निजी क्लीनिक रुचि नहीं ले रहे हैं। डेढ़ साल में महज छह अस्पतालों ने ही इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि जिले में इनकी संख्या 40 से अधिक है। इस पर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नए क्लीनिक जुड़ना चाह रहे हैं, लेकिन वह अपने क्लीनिक चार्ज से सरकारी चार्ज कम बताकर जुड़ने से कतरा रहे है।
आयुष्मान योजना एक अप्रैल 2018 से जिले में शुरू हुई थी। इस योजना में 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना में शामिल लोगों को लाभांवित किया गया है। जिले में 4.31 लाख परिवार चयनित किए गए है। इन परिवारों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज प्रति वर्ष दिया जाएगा।
इस योजना के तहत 12 सरकारी अस्पताल व छह निजी क्लीनिक पंजीकृत है। यहां पर लाभार्थी पहुंचकर अपना निशुल्क इलाज करा सकते है। अगर पंजीकरण अस्पताल की बात की जाए तो जिले में 40 से अधिक निजी अस्पताल चल रहे हैं। इस योजना में महज छह निजी क्लीनिकों ने ही रुचि दिखाई है। कई बेहतर अस्पताल इस सूची से बाहर है।
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अगर खैराबाद के एक निजी अस्पताल की बात की जाए तो वहां पर सभी संसाधन मौजूद है। हजारों मेें रोजाना मरीज इलाज कराने आते है लेकिन यह अस्पताल इस सूची से बाहर है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन अस्पतालों में जो ऑपरेशन का रेट है, उसकी अपेक्षा सरकारी रेट आधा ही है।
ये हैं पंजीकृत अस्पताल
अगर सरकारी अस्पतालों की बात की जाए तो इसमें जिला व महिला अस्पताल शामिल है। इसके अलावा सीएचसी हरगांव, पिसावां, सिधौली, कसमंडा, परसेंडी, खैराबाद, तंबौर, एलिया, मिश्रिख, मछरेहटा को जोड़ा गया है। निजी क्लीनिकों में हिन्द अस्पताल अटरिया, आंख अस्पताल, रेखा दृष्टि अस्पताल, सेठी अस्पताल, सक्षम नर्सिंग होम व प्रगति नर्सिंग होम शामिल हैं।
करा चुके इलाज
अगर निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की बात की जाए तो आंख अस्पताल में 597, हिन्द अस्पताल 214, रेखा दृष्टि अस्पताल 164, प्रगति नर्सिंग होम 23, जिला अस्पताल 160, महिला अस्पताल 106, सेठी अस्पताल 51 व सक्षम नर्सिंग होम में 35 मरीज इलाज करा चुके है।
इस योजना में शामिल लाभार्थी परिवार गैर जनपदों की अपेक्षा जिले के अस्पतालों पर अधिक विश्वास जता रहे है। जिले के अस्पतालों में 1575 मरीज इलाज करा चुके हैं। 1499 लाभार्थी जिले से इतर गैर जनपद के अस्पतालों में सुविधा ले चुके हैं।
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आयुष्मान योजना एक अप्रैल 2018 से जिले में शुरू हुई थी। इस योजना में 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना में शामिल लोगों को लाभांवित किया गया है। जिले में 4.31 लाख परिवार चयनित किए गए है। इन परिवारों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज प्रति वर्ष दिया जाएगा।
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इस योजना के तहत 12 सरकारी अस्पताल व छह निजी क्लीनिक पंजीकृत है। यहां पर लाभार्थी पहुंचकर अपना निशुल्क इलाज करा सकते है। अगर पंजीकरण अस्पताल की बात की जाए तो जिले में 40 से अधिक निजी अस्पताल चल रहे हैं। इस योजना में महज छह निजी क्लीनिकों ने ही रुचि दिखाई है। कई बेहतर अस्पताल इस सूची से बाहर है।
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अगर खैराबाद के एक निजी अस्पताल की बात की जाए तो वहां पर सभी संसाधन मौजूद है। हजारों मेें रोजाना मरीज इलाज कराने आते है लेकिन यह अस्पताल इस सूची से बाहर है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन अस्पतालों में जो ऑपरेशन का रेट है, उसकी अपेक्षा सरकारी रेट आधा ही है।
ये हैं पंजीकृत अस्पताल
अगर सरकारी अस्पतालों की बात की जाए तो इसमें जिला व महिला अस्पताल शामिल है। इसके अलावा सीएचसी हरगांव, पिसावां, सिधौली, कसमंडा, परसेंडी, खैराबाद, तंबौर, एलिया, मिश्रिख, मछरेहटा को जोड़ा गया है। निजी क्लीनिकों में हिन्द अस्पताल अटरिया, आंख अस्पताल, रेखा दृष्टि अस्पताल, सेठी अस्पताल, सक्षम नर्सिंग होम व प्रगति नर्सिंग होम शामिल हैं।
करा चुके इलाज
अगर निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों की बात की जाए तो आंख अस्पताल में 597, हिन्द अस्पताल 214, रेखा दृष्टि अस्पताल 164, प्रगति नर्सिंग होम 23, जिला अस्पताल 160, महिला अस्पताल 106, सेठी अस्पताल 51 व सक्षम नर्सिंग होम में 35 मरीज इलाज करा चुके है।
इस योजना में शामिल लाभार्थी परिवार गैर जनपदों की अपेक्षा जिले के अस्पतालों पर अधिक विश्वास जता रहे है। जिले के अस्पतालों में 1575 मरीज इलाज करा चुके हैं। 1499 लाभार्थी जिले से इतर गैर जनपद के अस्पतालों में सुविधा ले चुके हैं।