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Sitapur News: रोज जाम में फंसती हैं एंबुलेंस, जूझते हैं मरीज
Fri, 29 Nov 2024 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 29 Nov 2024 12:31 AM IST
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अस्पताल के गेट पर लगा जाम व फंसी एंबुलेंस।
दंत रोग विभाग सुबह: 11.15
वाहनों के बीच से होकर निकल रहे मरीज
जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग व आयुष्मान कक्ष के बाहर लंबी-लंबी कतारों में वाहन खड़े थे। महोली से आए रमेश के दांत में दर्द हो रहा था। उनके हाथ में एक बैग था। पर्चा बनवाकर इन वाहनों के बीच से बामुश्किल से वह निकल पाए। इसी तरह आयुष्मान कार्ड बनवाने आए राधे बोले यहां तो गेट के सामने ही वाहन खड़े हैं। वह दो वाहनों के बीच से होकर कक्ष तक पहुंचे। इसी तरह तमाम मरीज ओपीडी तक पहुंचने के लिए जूझते रहे।
पैथाेलॉजी के सामने सुबह: 11.30
जिला अस्पताल में पैथोलॉजी के सामने सुबह काफी अधिक भीड़ थी। जब पर्चा काउंटर के बाहर जगह नहीं मिली तो वाहन इस पैथोलॉजी के सामने खड़े किए जा रहे थे। दो बाइक सवार आए। उन्होंने बिना किसी रोकटोक के मुख्य गेट के सामने बाइक खड़ी कर दी। इन बाइकों को वहां पर रोकने वाला कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखाई दिया। जब मरीजों ने पैथोलॉजी के अंदर प्रवेश करना चाहा तो उन्हें पड़ोस के रैंप से होकर अंदर जाना पड़ा।
जिला अस्पताल का मुख्य गेट सुबह: 11.45
जिला अस्पताल में मरीजों की आवाजाही बनी हुई थी। गेट के दोनों तरफ कई ठेले खोमचे वाले खड़े थे। इससे मुख्य गेट पर ही अतिक्रमण फैला हुआ था। इधर, एक एंबुलेंस आई तो इन ठेलों व बाइकों की भीड़ के चलते मुख्य गेट पर ही काफी देर तक खड़ी रही। पड़ोस में पुलिस चौकी है लेकिन यहां पर कोई पुलिसकर्मी यहां पर नहीं दिखाई दिया। जब बाइक हटी तो एंबुलेंस अस्पताल में जा सकी।
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जन औषधि केंद्र के सामने सुबह: 11.55
जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र बना हुआ है। इस केंद्र के सामने इस कदर वाहन खड़े थे कि वहां पर पहुंचना मुश्किल था। हर्ष जब इस केंद्र तक पहुंचना चाहते थे तो बाइकों के बीच से होकर निकले तब गेट तक पहुंचे। इधर, ओपीडी के पास बहुत ही सकरा रास्ता है। इस रास्ते से होकर अफसरों के वाहन व एंबुलेंस निकलती है। लेकिन तितर-बितर खड़े वाहनों के चलते गाड़ियों का निकलना मुश्किल हो रहा था। कई लोग जाम में फंस रहे।
सीतापुर। बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनाें की वजह से जिला अस्पताल परिसर में ही जाम लग जाता है। इस वजह से मरीजों को परेशानी होती है। मुख्य गेट पर ही अतिक्रमण है। इस वजह से कई बार एंबुलेंस भी फंस जाती है। ऐेसे में मरीजों को इलाज मिलने में देरी होती है।
जिला अस्पताल में वाहनों की वजह से हो रही परेशानी को लेकर अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को अस्पताल की व्यवस्था परखीं। सुबह 11.30 से 11.55 तक अस्पताल में अंदर किस तरह मरीज व एंबुलेंस पहुंच रही हैं, इसको जानने की कोशिश की गई।
मुख्य गेट पर ठेले-खोमचे मिले तो अंदर हड्डी रोग विभाग, आयुष्मान कक्ष, दंत रोग विभाग, जन औषधि केंद्र, दवा वितरण कक्ष, पैथाेलॉजी, ओपीडी के बाहर तितर-बितर तरीके से वाहन खड़े मिले। इन वाहनों को कैसे और कहां पर खड़ा करना है, इसको टोकने वाला कोई नहीं दिखाई दिया। अस्पताल परिसर के अंदर ही पुलिस चौकी है। यहां पर हर समय पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं लेकिन अतिक्रमण को लेकर कोई संजीदा नजर नहीं आया।
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वाहनों के बीच से होकर निकल रहे मरीज
जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग व आयुष्मान कक्ष के बाहर लंबी-लंबी कतारों में वाहन खड़े थे। महोली से आए रमेश के दांत में दर्द हो रहा था। उनके हाथ में एक बैग था। पर्चा बनवाकर इन वाहनों के बीच से बामुश्किल से वह निकल पाए। इसी तरह आयुष्मान कार्ड बनवाने आए राधे बोले यहां तो गेट के सामने ही वाहन खड़े हैं। वह दो वाहनों के बीच से होकर कक्ष तक पहुंचे। इसी तरह तमाम मरीज ओपीडी तक पहुंचने के लिए जूझते रहे।
पैथाेलॉजी के सामने सुबह: 11.30
जिला अस्पताल में पैथोलॉजी के सामने सुबह काफी अधिक भीड़ थी। जब पर्चा काउंटर के बाहर जगह नहीं मिली तो वाहन इस पैथोलॉजी के सामने खड़े किए जा रहे थे। दो बाइक सवार आए। उन्होंने बिना किसी रोकटोक के मुख्य गेट के सामने बाइक खड़ी कर दी। इन बाइकों को वहां पर रोकने वाला कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखाई दिया। जब मरीजों ने पैथोलॉजी के अंदर प्रवेश करना चाहा तो उन्हें पड़ोस के रैंप से होकर अंदर जाना पड़ा।
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जिला अस्पताल का मुख्य गेट सुबह: 11.45
जिला अस्पताल में मरीजों की आवाजाही बनी हुई थी। गेट के दोनों तरफ कई ठेले खोमचे वाले खड़े थे। इससे मुख्य गेट पर ही अतिक्रमण फैला हुआ था। इधर, एक एंबुलेंस आई तो इन ठेलों व बाइकों की भीड़ के चलते मुख्य गेट पर ही काफी देर तक खड़ी रही। पड़ोस में पुलिस चौकी है लेकिन यहां पर कोई पुलिसकर्मी यहां पर नहीं दिखाई दिया। जब बाइक हटी तो एंबुलेंस अस्पताल में जा सकी।
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जन औषधि केंद्र के सामने सुबह: 11.55
जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र बना हुआ है। इस केंद्र के सामने इस कदर वाहन खड़े थे कि वहां पर पहुंचना मुश्किल था। हर्ष जब इस केंद्र तक पहुंचना चाहते थे तो बाइकों के बीच से होकर निकले तब गेट तक पहुंचे। इधर, ओपीडी के पास बहुत ही सकरा रास्ता है। इस रास्ते से होकर अफसरों के वाहन व एंबुलेंस निकलती है। लेकिन तितर-बितर खड़े वाहनों के चलते गाड़ियों का निकलना मुश्किल हो रहा था। कई लोग जाम में फंस रहे।
सीतापुर। बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनाें की वजह से जिला अस्पताल परिसर में ही जाम लग जाता है। इस वजह से मरीजों को परेशानी होती है। मुख्य गेट पर ही अतिक्रमण है। इस वजह से कई बार एंबुलेंस भी फंस जाती है। ऐेसे में मरीजों को इलाज मिलने में देरी होती है।
जिला अस्पताल में वाहनों की वजह से हो रही परेशानी को लेकर अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को अस्पताल की व्यवस्था परखीं। सुबह 11.30 से 11.55 तक अस्पताल में अंदर किस तरह मरीज व एंबुलेंस पहुंच रही हैं, इसको जानने की कोशिश की गई।
मुख्य गेट पर ठेले-खोमचे मिले तो अंदर हड्डी रोग विभाग, आयुष्मान कक्ष, दंत रोग विभाग, जन औषधि केंद्र, दवा वितरण कक्ष, पैथाेलॉजी, ओपीडी के बाहर तितर-बितर तरीके से वाहन खड़े मिले। इन वाहनों को कैसे और कहां पर खड़ा करना है, इसको टोकने वाला कोई नहीं दिखाई दिया। अस्पताल परिसर के अंदर ही पुलिस चौकी है। यहां पर हर समय पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं लेकिन अतिक्रमण को लेकर कोई संजीदा नजर नहीं आया।