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Sitapur News: कागजों पर तीन साल घटाई उम्र, 42 साल बाद फंसे संतराम
Fri, 09 May 2025 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 09 May 2025 12:32 AM IST
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सीतापुर। एंटी करप्शन सेल की जांच में महोली के नादन गांव में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद एंटी करप्शन टीम की निरीक्षक एकता त्यागी ने चार लोगों के विरुद्ध लखनऊ स्थित एंटी करप्शन थाने में केस दर्ज कराया है।
बता दें कि महोली के नादन गांव निवासी शिकायतकर्ता रामदास ने 16 दिसंबर 2019 को अपने गांव निवासी सेवानिवृत्त लाइनमैन संतराम की लिखित शिकायत की। बताया कि संतराम ने वितरण खंड सीतापुर में अपने पिता के स्थान पर फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्रों के आधार पर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल की थी। नौकरी के लालच में अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों में जन्मतिथि बदल दी थी।
जन्मतिथि को वर्ष 1965 के स्थान पर छलपूर्वक 1962 अंकित कर दिया था। उन्होंने वर्ष 1983 में नौकरी हासिल की। संतराम 31 जुलाई 2022 को सेवानिवृत्त भी हो गए। वहीं, संतराम की पत्नी शांति देवी उर्फ राजेश्वरी देवी नादन गांव की प्रधान है। आरोप लगाया कि शांति देवी ने ग्राम पंचायत में तालाब, श्मशान, शौचालयों व पट्टों आदि के आवंटन में भ्रष्टाचार किया। उनके इस भ्रष्टाचार में ग्राम विकास अधिकारी हरीश कुमार और राजस्व निरीक्षक/कानूनगो रामसहाय भी साझेदार रहे।
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अपात्रों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया। इस शिकायत की गोपनीय जांच निरीक्षक एकता त्यागी ने की। नौकरी हासिल करने के 42 वर्षाें बाद संतराम का झूठ उजागर हो गया। वहीं तीन अन्य आरोपियों की जांच में आरोपों की पुष्टि भी हुई। इसके बाद चारों आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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बता दें कि महोली के नादन गांव निवासी शिकायतकर्ता रामदास ने 16 दिसंबर 2019 को अपने गांव निवासी सेवानिवृत्त लाइनमैन संतराम की लिखित शिकायत की। बताया कि संतराम ने वितरण खंड सीतापुर में अपने पिता के स्थान पर फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्रों के आधार पर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल की थी। नौकरी के लालच में अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों में जन्मतिथि बदल दी थी।
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जन्मतिथि को वर्ष 1965 के स्थान पर छलपूर्वक 1962 अंकित कर दिया था। उन्होंने वर्ष 1983 में नौकरी हासिल की। संतराम 31 जुलाई 2022 को सेवानिवृत्त भी हो गए। वहीं, संतराम की पत्नी शांति देवी उर्फ राजेश्वरी देवी नादन गांव की प्रधान है। आरोप लगाया कि शांति देवी ने ग्राम पंचायत में तालाब, श्मशान, शौचालयों व पट्टों आदि के आवंटन में भ्रष्टाचार किया। उनके इस भ्रष्टाचार में ग्राम विकास अधिकारी हरीश कुमार और राजस्व निरीक्षक/कानूनगो रामसहाय भी साझेदार रहे।
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अपात्रों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया। इस शिकायत की गोपनीय जांच निरीक्षक एकता त्यागी ने की। नौकरी हासिल करने के 42 वर्षाें बाद संतराम का झूठ उजागर हो गया। वहीं तीन अन्य आरोपियों की जांच में आरोपों की पुष्टि भी हुई। इसके बाद चारों आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।