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आचार्य को पुलिस ने होटल में नजरबंद किया
सीतापुर/अमरउजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:13 PM IST
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आचार्य ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वह सीतापुर जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर विजयमल यादव, स्टेडियम चौकी इंचार्ज अंकित त्रिपाठी सहित कई दरोगा-सिपाही उनके कमरे में आ गए और सीतापुर जाने से रोक दिया।
उन्होंने बताया कि सीतापुर के डीएम ने डीआईजी से महासम्मेलन को लेकर तनाव की आशंका जताई थी जिसके बाद पुलिस भेजकर उन्हें सीतापुर जाने से रुकवा दिया गया। पुलिस-प्रशासन के इस रवैऐ क्षुब्ध आचार्य ने कहा कि यह महासम्मेलन हिंदू-मुस्लिम एकता और इंसानियत के लिए हो रहा था। ऐसे कार्यक्रम का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है।
उधर, इंस्पेक्टर विजयमल यादव का कहना है कि महासम्मेलन का आयोजन राजा मोहम्मद अमीर मोहम्मद खान ने किया था। पहले महासम्मेलन 19 नवंबर को होना था। स्थानीय जिला प्रशासन ने 17 नवंबर को इसकी अनुमति दे दी थी लेकिन बाद में आयोजकों ने 27 नवंबर को महासम्मेलन करने की जानकारी दी।
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जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव के चलते पुलिस बल मौजूद न होने की बात कहते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। यही वजह थी जब निर्धारित तिथि को आचार्य श्री प्रमोद कृष्णम् महासम्मेलन में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंच गए तब पुलिस-प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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उन्होंने बताया कि सीतापुर के डीएम ने डीआईजी से महासम्मेलन को लेकर तनाव की आशंका जताई थी जिसके बाद पुलिस भेजकर उन्हें सीतापुर जाने से रुकवा दिया गया। पुलिस-प्रशासन के इस रवैऐ क्षुब्ध आचार्य ने कहा कि यह महासम्मेलन हिंदू-मुस्लिम एकता और इंसानियत के लिए हो रहा था। ऐसे कार्यक्रम का विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उधर, इंस्पेक्टर विजयमल यादव का कहना है कि महासम्मेलन का आयोजन राजा मोहम्मद अमीर मोहम्मद खान ने किया था। पहले महासम्मेलन 19 नवंबर को होना था। स्थानीय जिला प्रशासन ने 17 नवंबर को इसकी अनुमति दे दी थी लेकिन बाद में आयोजकों ने 27 नवंबर को महासम्मेलन करने की जानकारी दी।
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जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव के चलते पुलिस बल मौजूद न होने की बात कहते हुए अनुमति देने से इन्कार कर दिया था। यही वजह थी जब निर्धारित तिथि को आचार्य श्री प्रमोद कृष्णम् महासम्मेलन में शामिल होने के लिए राजधानी पहुंच गए तब पुलिस-प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।