फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   A wild animal entered the village and took away the goats

Sitapur News: गांव में घुसकर बकरियां ले गया जंगली जानवर

Fri, 09 May 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Fri, 09 May 2025 12:53 AM IST
विज्ञापन
A wild animal entered the village and took away the goats
कमलापुर (सीतापुर)। सिधौली वन रेंज के चंदोखा गांव में बाघ की चहलकदमी से ग्रामीण दहशत में हैं। बुधवार देर शाम गांव में घुसकर बाघ तीन बकरियों को दबोच ले गया। ग्रामीणों के मुताबिक बाघ दाऊदपुर के जंगल के आसपास छिपा।
विज्ञापन

डर के कारण ग्रामीण खेत नहीं जा रहे हैं। इसके बाद भी वन विभाग की ओर से माली के अलावा किसी ने मौके पर पहुंचकर कॉम्बिंग करने की जरूरत नहीं समझी। चंदोखा निवासी संतू और झब्बूलाल बुधवार शाम खेत में बकरी चरा रहे थे। इनका दावा है कि अचानक बाघ ने बकरियों पर हमला कर दिया। अफरातफरी के बीच सभी चीख-पुकार मचाते हुए गांव की ओर भागे। गांव पहुंचकर देखा तो तीन बकरियां कम थीं। ग्रामीणों ने एकत्र होकर लाठी-डंडों से लैस होकर तलाश शुरू की तो दाऊदपुर जंगल के पास दो बकरियों के शव मिले। एक बकरी का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला।
विज्ञापन


रामगोपाल ने बताया कि दाऊदपुर के जंगल में बाघ का छिपा है। शायद उसी बाघ ने शिकार की तलाश में एक बार फिर जंगल के बाहर चहलकदमी शुरू कर दी है। जयविंद व मनोज ने बताया कि वन विभाग को सूचना के बाद भी बृहस्पतिवार को कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सिर्फ माली आया था। ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। खेतों की ओर जाने की लोग हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिंजरे के नजदीक भी नहीं आया बाघ


लहरपुर (सीतापुर)। बाघ के आतंक से निबोरी, जगमालपुर, रावल और अदेसर के ग्रामीण दहशत में हैं। प्रभावित गांवाें में वन विभाग कर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं। मंगलवार को वन विभाग की टीम व ग्रामीणों ने गश्त के दौरान निबौरी गांव के समीप मुन्नू लाल के खेतों में बाघ के पगचिह्न देखे थे। जिसके बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। प्रभावित क्षेत्र में दो दिनों से बाघ की गतिविधि नहीं दर्ज की गई है। वन विभाग की टीम कॉम्बिंग कर रही है। किसान स्वामी दयाल, रामचंद्र, रामसेवक, पैकरामा, पतिराखन, गुड्डू, बनवारी लाल आदि ने बताया कि बाघ के डर के चलते किसान खेतों की ओर नहीं जा पा रहे हैं। खेती प्रभावित है। आम की फसल को भी बचाने नहीं जा पा रहे हैं। करीब एक माह से क्षेत्र में बाघ की दहशत है। ग्रामीण दहशत में जीवन यापन कर रहे हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि लगाए गए पिंजरे के आसपास बाघ नहीं आया है और न उसकी कोई गतिविधि कैमरे में ही कैद हुई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों में लगातार कॉम्बिंग की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed