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कोर्ट ने मीरा को दी राहत, डीएम का आदेश रद्द
Sitapur
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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सीतापुर। हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) खैराबाद की प्राचार्य मीरा त्रिपाठी को राहत दी है। न्यायालय ने डीएम के बीस अक्तूबर को निर्गत आदेश को निरस्त कर दिया है, हालांकि न्यायालय ने उनके निलंबन के पहलू पर गौर नहीं किया है। क्योंकि निलंबन आदेश को चुनौती नहीं दी गई थी। न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति विनय कुमार माथुर की खंडपीठ ने यह फैसला शुक्रवार को प्राचार्य की रिट को मंजूर कर सुनाया।
मालूम हो कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान खैराबाद में बीटीसी-2010 एवं सेवारत बीटीसी (मृतक आश्रित) कक्षा शिक्षण, प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए फैजाबाद और इलाहाबाद डायट से नियुक्त परीक्षक आए थे। डॉयट प्राचार्य मीरा त्रिपाठी की मौजूदगी में उनके पति राम प्रसाद त्रिपाठी ने सरकारी आवास पर बुलाकर जबरदस्ती परीक्षार्थियों को अंक दिलाने तथा अवैध रूप से अंकतालिका की प्रति छीन ली थी। परीक्षकों ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जांच में डायट प्राचार्य को दोषी पाया। सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने में जिलाधिकारी पंकज कुमार ने मीरा त्रिपाठी को पद से कार्यमुक्त कर दिया था। साथ ही डीआईओएस को इस पद का अतिरिक्त प्रभार दे दिया था। इस आदेश के खिलाफ प्राचार्य ने कोर्ट की शरण ली थी।
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मालूम हो कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान खैराबाद में बीटीसी-2010 एवं सेवारत बीटीसी (मृतक आश्रित) कक्षा शिक्षण, प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए फैजाबाद और इलाहाबाद डायट से नियुक्त परीक्षक आए थे। डॉयट प्राचार्य मीरा त्रिपाठी की मौजूदगी में उनके पति राम प्रसाद त्रिपाठी ने सरकारी आवास पर बुलाकर जबरदस्ती परीक्षार्थियों को अंक दिलाने तथा अवैध रूप से अंकतालिका की प्रति छीन ली थी। परीक्षकों ने रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जांच में डायट प्राचार्य को दोषी पाया। सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने में जिलाधिकारी पंकज कुमार ने मीरा त्रिपाठी को पद से कार्यमुक्त कर दिया था। साथ ही डीआईओएस को इस पद का अतिरिक्त प्रभार दे दिया था। इस आदेश के खिलाफ प्राचार्य ने कोर्ट की शरण ली थी।
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