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राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत रखे जाएंगे 61 मैत्री
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सीतापुर। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत कृत्रिम गर्भाधान बढ़ाने के लिए जिले में 61 मैत्री (मल्टी परपज एआई टेक्रिशियन इन रूरल इंडिया) रखे जाएंगे। तहसील स्तरीय समिति के द्वारा योग्य अभ्यर्थियों की सूची अंतिम चयन के जिला स्तरीय समिति को भेजी जाएगी। चयनित मैत्री को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये चयनित गांवों में कृत्रिम गर्भाधान करेंगे। इससे इन्हें स्वरोजगार मिलेगा। एक पशु के कृत्रिम गर्भाधान पर 50 रुपये प्रदान किए जाएंगे। 50 हजार पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराया जाना है।
सीतापुर सहित प्रदेश के 35 जिलों में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत मैत्री रखे जाएंगे। जिलेवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में सामान्य वर्ग के 45 एवं अनुसूचित जाति के 16 मैत्री रखे जाएंगे। इसके लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन प्राप्त किए गए हैं। मैत्री चयन के लिए तहसील स्तरीय उप समिति बनाई गई है। इसमें एसडीएम अध्यक्ष हैं। बीडीओ, संबंधित पशु चिकित्साधिकारी एवं एसडीएम द्वारा नामित तहसीलदार/ लेखपाल सदस्य हैं जबकि उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव हैं।
समिति द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का मूल्यांकन निर्धारित शैक्षिक योग्यता एवं परिषद द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। सूची को अंतिम रूप से चयन के लिए जिला स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। पांच सदस्यीय जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हैं। लक्ष्य से 25 फीसदी अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर प्रतीक्षा सूची तैयार की जानी है।
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यदि कोई अभ्यर्थी चयनोपरांत प्रशिक्षण में जाने में असमर्थता व्यक्त करता है तो प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी को ट्रेनिंग में भेजा जाएगा। चयन की कार्यवाही 15 जनवरी तक पूर्ण की जानी है। यह योजना पूर्णत: स्वरोजगार सृजन की अवधारणा पर आधारित है। आवेदक को किसी भी स्थिति में शासकीय सेवा में लिए जाने का कोई अधिकार नहीं होगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राम अचल ने बताया कि चयनित मैत्री जब सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे तब उन्हें कृत्रिम गर्भाधान कार्य की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए गांव चयनित हैं। एक पशु के गर्भाधान पर 50 रुपये दिए जाएंगे। साथ ही बच्चा पैदा होने पर प्रति पशु सौ रुपये दिए जाएंगे। यह योजना पूर्णत: निशुल्क है। पशुपालक से कोई धनराशि नहीं ली जानी है।
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सीतापुर सहित प्रदेश के 35 जिलों में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत मैत्री रखे जाएंगे। जिलेवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में सामान्य वर्ग के 45 एवं अनुसूचित जाति के 16 मैत्री रखे जाएंगे। इसके लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन प्राप्त किए गए हैं। मैत्री चयन के लिए तहसील स्तरीय उप समिति बनाई गई है। इसमें एसडीएम अध्यक्ष हैं। बीडीओ, संबंधित पशु चिकित्साधिकारी एवं एसडीएम द्वारा नामित तहसीलदार/ लेखपाल सदस्य हैं जबकि उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव हैं।
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समिति द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों का मूल्यांकन निर्धारित शैक्षिक योग्यता एवं परिषद द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। सूची को अंतिम रूप से चयन के लिए जिला स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। पांच सदस्यीय जिला स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हैं। लक्ष्य से 25 फीसदी अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर प्रतीक्षा सूची तैयार की जानी है।
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यदि कोई अभ्यर्थी चयनोपरांत प्रशिक्षण में जाने में असमर्थता व्यक्त करता है तो प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी को ट्रेनिंग में भेजा जाएगा। चयन की कार्यवाही 15 जनवरी तक पूर्ण की जानी है। यह योजना पूर्णत: स्वरोजगार सृजन की अवधारणा पर आधारित है। आवेदक को किसी भी स्थिति में शासकीय सेवा में लिए जाने का कोई अधिकार नहीं होगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राम अचल ने बताया कि चयनित मैत्री जब सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे तब उन्हें कृत्रिम गर्भाधान कार्य की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए गांव चयनित हैं। एक पशु के गर्भाधान पर 50 रुपये दिए जाएंगे। साथ ही बच्चा पैदा होने पर प्रति पशु सौ रुपये दिए जाएंगे। यह योजना पूर्णत: निशुल्क है। पशुपालक से कोई धनराशि नहीं ली जानी है।