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Sitapur News: 56 बीघा कृषि योग्य भूमि सरयू में समाई
Mon, 26 Aug 2024 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 26 Aug 2024 12:17 AM IST
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन भी कमी दर्ज की गई। रविवार को पानी 20 सेमी घटकर 117.30 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ प्रभावित इलाके में हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं। पानी घटने से कटान तेज हो गई है। पिछले 24 घंटे में करीब 56 बीघा कृषि योग्य भूमि कटकर सरयू में समा गई। उधर, बैराजों से रविवार को 3 लाख 56 हजार 136 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है।
तटवर्ती अंगरौरा, अखरी, बाबाकुटी व प्यारे पुरवा में घरों में अभी पानी भरा हुआ है। इन गांवों के रामू, टहलू, रघुनाथ, श्यामू, शंकर, फूलचंद, कीड़ी, भजनी, सत्यवान, मिश्री, बृजलाल, पुजारी, राम सागर, बहादुर, गोगे व रत्ती लाल घर छोड़कर तटबंध पर शरण लिए हुए हैं।
परमगोंडा, निरंजन पुरवा व बक्सीपुरवा गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। हालांकि, सड़कों पर हो रहे पानी के तेज बहाव की गति कम हुई है। किंतु ग्रामीणों का आवागमन सुचारू नहीं हो सका है। परम गोंडा के ग्रामीणों का आवागमन अभी नाव के सहारे ही हो रहा है।
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ईंधन, पशु चारा व भोजन बनाने की समस्या जस की तस बनी हुई है। चार दिनों से पानी भरा होने से संक्रामक रोग पनपने का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, जलस्तर कम होते ही सरयू नदी ने कटान तेज कर दी है।
शुकुलपुरवा गांव में बेकाबू लहरें खेतों में कटान कर रही हैं। पिछले 24 घंटे में शोभा की 10 बीघा, नारायण की 10 बीघा, रामभजन की करीब 7 बीघा, बिहारी की 10 बीघा, राजाराम की 10 बीघा और मुनीम की करीब 9 बीघा जमीन कट गई है। कटान तेज होने से बाढ़ पीड़ित भयभीत हैं।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 1,50,636 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,46,172 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 59,328 क्यूसेक
मुआवजे का भेजा प्रस्ताव
शुकुलपुरवा के 11 कटान पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए 47 हजार रुपया प्रति हेक्टेयर की दर से प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। अन्य कटान पीड़ितों के मुआवजे के लिए प्रक्रिया चल रही है। जलस्तर कम होने से हालात सुधर रहे हैं।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद
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तटवर्ती अंगरौरा, अखरी, बाबाकुटी व प्यारे पुरवा में घरों में अभी पानी भरा हुआ है। इन गांवों के रामू, टहलू, रघुनाथ, श्यामू, शंकर, फूलचंद, कीड़ी, भजनी, सत्यवान, मिश्री, बृजलाल, पुजारी, राम सागर, बहादुर, गोगे व रत्ती लाल घर छोड़कर तटबंध पर शरण लिए हुए हैं।
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परमगोंडा, निरंजन पुरवा व बक्सीपुरवा गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। हालांकि, सड़कों पर हो रहे पानी के तेज बहाव की गति कम हुई है। किंतु ग्रामीणों का आवागमन सुचारू नहीं हो सका है। परम गोंडा के ग्रामीणों का आवागमन अभी नाव के सहारे ही हो रहा है।
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ईंधन, पशु चारा व भोजन बनाने की समस्या जस की तस बनी हुई है। चार दिनों से पानी भरा होने से संक्रामक रोग पनपने का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, जलस्तर कम होते ही सरयू नदी ने कटान तेज कर दी है।
शुकुलपुरवा गांव में बेकाबू लहरें खेतों में कटान कर रही हैं। पिछले 24 घंटे में शोभा की 10 बीघा, नारायण की 10 बीघा, रामभजन की करीब 7 बीघा, बिहारी की 10 बीघा, राजाराम की 10 बीघा और मुनीम की करीब 9 बीघा जमीन कट गई है। कटान तेज होने से बाढ़ पीड़ित भयभीत हैं।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 1,50,636 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,46,172 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 59,328 क्यूसेक
मुआवजे का भेजा प्रस्ताव
शुकुलपुरवा के 11 कटान पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए 47 हजार रुपया प्रति हेक्टेयर की दर से प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। अन्य कटान पीड़ितों के मुआवजे के लिए प्रक्रिया चल रही है। जलस्तर कम होने से हालात सुधर रहे हैं।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद