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दो वर्ष बाद भी दुग्ध विभाग ने नहीं भेजे प्रस्ताव
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सीतापुर। दुग्ध विभाग के खेल ही निराले हैं। शासन स्तर से पिछले दो बरस से दुग्ध नीति के तहत प्रस्ताव मांगे जा रहे हें। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने यह प्रस्ताव नहीं भेजे हैं। यही नहीं दुग्ध नीति के प्रस्ताव आदेश को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया। ऐसे में अब यहां के उप दुग्धशाला विकास अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है।
प्रदेश में दुग्ध नीति 2018 लागू है। इस नीति के लागू होने के बाद बीते अक्टूबर में प्रत्येक जिले से दो प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश उप दुग्धशाला विकास अधिकारी को दिए गए थे। सीतापुर जिले से भी उप दुग्धशाला विकास अधिकारी को दो प्रस्ताव देने थे। इसके बावजूद यह प्रस्ताव उपलब्ध कराए नहीं जा सके हैँ। जबकि आहिस्ता-आहिस्ता दो बरस बीतने को हैं।
प्रस्ताव उपलब्ध न कराने पर अब तक तीन अनुस्मारक पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। यही नहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बीती छह फरवरी को समीक्षा में भी प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए थे। फिर भी सीतापुर के उप दुग्धशाला विकास अधिकारी ने प्रस्ताव नहीं भेजे।
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इस पर क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी श्रीनिवास ने नाराजगी जताते हुए इसे विभागीय कार्यों के प्रति उदासीनता बताया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि नीति में दी गई व्यवस्थाओं के तहत दो प्रस्ताव जिला स्तरीय परियोजना क्रियान्वयन समिति के मार्फत संस्तुति कराकर 28 फरवरी तक मंडल स्तरीय समिति को भेजें। निर्देशानुसार कार्रवाई न करने पर मुख्यालय स्तर से संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है। इसे प्रबंधक दुग्ध संघ को भेजा गया है। निर्देशानुसार कार्रवाई न होने पर मामले में शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
- संदीप कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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प्रदेश में दुग्ध नीति 2018 लागू है। इस नीति के लागू होने के बाद बीते अक्टूबर में प्रत्येक जिले से दो प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश उप दुग्धशाला विकास अधिकारी को दिए गए थे। सीतापुर जिले से भी उप दुग्धशाला विकास अधिकारी को दो प्रस्ताव देने थे। इसके बावजूद यह प्रस्ताव उपलब्ध कराए नहीं जा सके हैँ। जबकि आहिस्ता-आहिस्ता दो बरस बीतने को हैं।
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प्रस्ताव उपलब्ध न कराने पर अब तक तीन अनुस्मारक पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। यही नहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बीती छह फरवरी को समीक्षा में भी प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए थे। फिर भी सीतापुर के उप दुग्धशाला विकास अधिकारी ने प्रस्ताव नहीं भेजे।
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इस पर क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी श्रीनिवास ने नाराजगी जताते हुए इसे विभागीय कार्यों के प्रति उदासीनता बताया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि नीति में दी गई व्यवस्थाओं के तहत दो प्रस्ताव जिला स्तरीय परियोजना क्रियान्वयन समिति के मार्फत संस्तुति कराकर 28 फरवरी तक मंडल स्तरीय समिति को भेजें। निर्देशानुसार कार्रवाई न करने पर मुख्यालय स्तर से संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
क्षेत्रीय दुग्धशाला विकास अधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है। इसे प्रबंधक दुग्ध संघ को भेजा गया है। निर्देशानुसार कार्रवाई न होने पर मामले में शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
- संदीप कुमार, मुख्य विकास अधिकारी