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Sitapur News: बैराजों से छोड़ा गया 3.12 लाख क्यूसेक पानी
Mon, 27 Jul 2026 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:57 AM IST
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रामपुर मथुरा। सरयू नदी खतरे के निशान 119 मीटर से महज 90 सेंटीमीटर दूर है। नदी का पानी इस समय 118.10 मीटर पर स्थिर है। लहरें खेतों का कटान धीमी गति से कर रही हैं। इससे ग्रामीणों में बाढ़ व कटान को लेकर चिंता कम नहीं हो रही है। उधर, बैराजों से रविवार को फिर 3.12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जिले में पहुंचने पर जलस्तर बढ़ने की संभावना ग्रामीण जता रहे
हैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बैराजों के पानी से सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इस बीच रविवार को दूसरे दिन भी जलस्तर 118.10 मीटर पर स्थिर रहा। दो दिन से जलस्तर स्थिर होने से अब कटान का खतरा बढ़ने लगा है। लहरें धीमी गति से खेतों में कटान कर रही हैं।
कटान तेज होने की आशंका में ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण तीरथ के मुताबिक रविवार दोपहर तक नदी का जलस्तर स्थिर था, किंतु शाम से मामूली वृद्धि होने लगी है। खेतों में भरा पानी भी कम होना रुक गया है। इससे तटबंध के आसपास के लोग जलस्तर में वृद्धि की आशंका से सहम गए हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान धान समेत अन्य फसलों में भरा पानी निकलना भी रुक गया है। अखरी, बाबाकुटी व निरंजनपुरवा आदि गांवों के आसपास के निचले इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे किसानों को पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी है।
दूसरी ओर सरयू नदी का बहाव काफी तेज बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव तेज होने से कृषि भूमि और आबादी पर कटान तेज होने का खतरा किसी भी समय बढ़ सकता है।
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हैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बैराजों के पानी से सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इस बीच रविवार को दूसरे दिन भी जलस्तर 118.10 मीटर पर स्थिर रहा। दो दिन से जलस्तर स्थिर होने से अब कटान का खतरा बढ़ने लगा है। लहरें धीमी गति से खेतों में कटान कर रही हैं।
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कटान तेज होने की आशंका में ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण तीरथ के मुताबिक रविवार दोपहर तक नदी का जलस्तर स्थिर था, किंतु शाम से मामूली वृद्धि होने लगी है। खेतों में भरा पानी भी कम होना रुक गया है। इससे तटबंध के आसपास के लोग जलस्तर में वृद्धि की आशंका से सहम गए हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान धान समेत अन्य फसलों में भरा पानी निकलना भी रुक गया है। अखरी, बाबाकुटी व निरंजनपुरवा आदि गांवों के आसपास के निचले इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे किसानों को पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी है।
दूसरी ओर सरयू नदी का बहाव काफी तेज बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव तेज होने से कृषि भूमि और आबादी पर कटान तेज होने का खतरा किसी भी समय बढ़ सकता है।