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18 महीने बाद भी स्ट्रीट लाइटों की फेहरिश्त नहीं दे सका जिला पंचायत
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सूची के अभाव में लटका 142 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम
सीतापुर। वाह रे वाह जिला पंचायत विभाग। इस विभाग के खेल ही निराले हैं। सोलर लाइट से गांवों को जगमगाने के लिए शासन ने तीन बरस पहले तीन करोड़ बजट दिया था। आहिस्ता-आहिस्ता तीन साल हो चुके हैं। बावजूद इसके अब तक यहां के गांव सोलर लाइटों से जगमगा नहीं सके।
सभी सूरज ढलते ही अंधेरे में डूब जाते हैं। इनकी स्थापना में देरी के पीछे जिला पंचायत की लापरवाही सामने आई है। वजह, कार्यदायी संस्था नेडा जिम्मेदारों से स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए फेहरिश्त मांगा रहा है। पर डेढ़ बरस बाद भी यह फेहरिश्त कार्यदायी संस्था को मुहैया कराई नहीं जा सकी है। इससे गांवों में 142 स्ट्रीट लाइटें लग नहीं पाई हैं।
16 मई 2015 को जिला पंचायत की ओर से पीओ नेडा को तीन करोड़ 22 लाख 43 हजार 905 रुपये 40 सोलर हाईमास्ट लाइट एवं 1172 सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना को उपलब्ध कराए गए थे। इस पर नेडा ने मई 2017 में सोलर लाइट की आपूर्ति एवं स्थापना के संबंध में सूचना दी थी।
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सक्षम स्तर से सत्यापन के बाद 49 हाईमास्ट एवं 1030 सोलर स्ट्रीट लाइटें प्रस्तावित स्थलों पर स्थापित पाई गईं। शेष 142 सोलर स्ट्रीट लाइटों की पुष्टि सत्यापन में नहीं हो पाई थी। इस संबंध में पीओ नेडा ने अपर मुख्य अधिकारी को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि आपके द्वारा 15 जून 2016 को भेजे गए पत्र के क्रम में 142 सोलर स्ट्रीट लाइटों की राशि 33 लाख 15 हजार सात सौ रुपये वापस किया जाना प्रस्तावित था।
जो तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा नवीन सूची उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने के कारण वापस नहीं किया गया। अभी तक चिन्हांकित स्थल की सूची के अभाव में कार्य लंबित है। नेडा के परियोजना अधिकारी ने कहा है कि प्रस्ताव सहित सूची प्राप्त होते ही स्थापना का कार्य करा दिया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में राशि वापस करने के लिए विभागीय खाता संख्या उपलब्ध कराने को कहा है। जिससे शेष राशि वापस की जा सके।
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सीतापुर। वाह रे वाह जिला पंचायत विभाग। इस विभाग के खेल ही निराले हैं। सोलर लाइट से गांवों को जगमगाने के लिए शासन ने तीन बरस पहले तीन करोड़ बजट दिया था। आहिस्ता-आहिस्ता तीन साल हो चुके हैं। बावजूद इसके अब तक यहां के गांव सोलर लाइटों से जगमगा नहीं सके।
सभी सूरज ढलते ही अंधेरे में डूब जाते हैं। इनकी स्थापना में देरी के पीछे जिला पंचायत की लापरवाही सामने आई है। वजह, कार्यदायी संस्था नेडा जिम्मेदारों से स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए फेहरिश्त मांगा रहा है। पर डेढ़ बरस बाद भी यह फेहरिश्त कार्यदायी संस्था को मुहैया कराई नहीं जा सकी है। इससे गांवों में 142 स्ट्रीट लाइटें लग नहीं पाई हैं।
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16 मई 2015 को जिला पंचायत की ओर से पीओ नेडा को तीन करोड़ 22 लाख 43 हजार 905 रुपये 40 सोलर हाईमास्ट लाइट एवं 1172 सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना को उपलब्ध कराए गए थे। इस पर नेडा ने मई 2017 में सोलर लाइट की आपूर्ति एवं स्थापना के संबंध में सूचना दी थी।
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सक्षम स्तर से सत्यापन के बाद 49 हाईमास्ट एवं 1030 सोलर स्ट्रीट लाइटें प्रस्तावित स्थलों पर स्थापित पाई गईं। शेष 142 सोलर स्ट्रीट लाइटों की पुष्टि सत्यापन में नहीं हो पाई थी। इस संबंध में पीओ नेडा ने अपर मुख्य अधिकारी को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि आपके द्वारा 15 जून 2016 को भेजे गए पत्र के क्रम में 142 सोलर स्ट्रीट लाइटों की राशि 33 लाख 15 हजार सात सौ रुपये वापस किया जाना प्रस्तावित था।
जो तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा नवीन सूची उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने के कारण वापस नहीं किया गया। अभी तक चिन्हांकित स्थल की सूची के अभाव में कार्य लंबित है। नेडा के परियोजना अधिकारी ने कहा है कि प्रस्ताव सहित सूची प्राप्त होते ही स्थापना का कार्य करा दिया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में राशि वापस करने के लिए विभागीय खाता संख्या उपलब्ध कराने को कहा है। जिससे शेष राशि वापस की जा सके।