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कड़ी धूप में मासूमों को लेकर भटकीं महिलाएं
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सीतापुर। न तो तपिश से घबराती हैं और न चुनावी ड्यूटी से... पर बच्चों को लेकर फिक्रमंद हैं। रविवार को चुनाव ड्यूटी के लिए आरएमपी इंटर कॉलेज मैदान पर आईं महिला कर्मचारियों के संग उनके कलेजे के टुकड़े भी थे।
कई महिला मतदान कर्मी ऐसी थीं, जिनके पति की ड्यूटी भी लगी थी, लिहाजा उन्हें ही अपने मासूम बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
चार माह के मासूम के साथ भी महिलाएं दिखीं, उनका कहना था कि बार-बार फरियाद के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब मासूम भी उनके साथ बूथों पर जाएंगे और सोमवार को पूरा दिन उनके साथ रहेंगे।
लोकसभा चुनाव के तहत छह मई को मतदान होना है। मतदान के एक दिन पहले बूथों पर रवानगी के लिए महिला कर्मचारी पहुंचीं। दूर-दराज के शहरी एवं गंवई इलाके से ये महिलाएं ड्यूटी करने आई थीं।
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रविवार को को सीतापुर के आरएमपी कॉलेज के मैदान पर कोई महिला कर्मचारी भाई के साथ आई थी तो कोई अपने पति या फिर पिता के साथ चुनावी ड्यूटी करने आईं थी।
उनकी गोद में मासूम भी थे। यही नहीं गर्भवती महिला भी ड्यूटी पर आई थीं। महिला कर्मचारियों का कहना था कि एक तो बच्चे उनके बिना रहते नहीं, दूसरे उनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है।
यह सभी विधानसभा क्षेत्रवार लगाए गए स्टालों पर अपनी चुनावी ड्यूटियों की उपस्थित दर्ज कराने में जुटी रहीं। ऐसे में महिला कर्मचारी दोहरी जिम्मेदारी निभाते नजर आईं।
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कई महिला मतदान कर्मी ऐसी थीं, जिनके पति की ड्यूटी भी लगी थी, लिहाजा उन्हें ही अपने मासूम बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उठानी पड़ी।
चार माह के मासूम के साथ भी महिलाएं दिखीं, उनका कहना था कि बार-बार फरियाद के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब मासूम भी उनके साथ बूथों पर जाएंगे और सोमवार को पूरा दिन उनके साथ रहेंगे।
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लोकसभा चुनाव के तहत छह मई को मतदान होना है। मतदान के एक दिन पहले बूथों पर रवानगी के लिए महिला कर्मचारी पहुंचीं। दूर-दराज के शहरी एवं गंवई इलाके से ये महिलाएं ड्यूटी करने आई थीं।
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रविवार को को सीतापुर के आरएमपी कॉलेज के मैदान पर कोई महिला कर्मचारी भाई के साथ आई थी तो कोई अपने पति या फिर पिता के साथ चुनावी ड्यूटी करने आईं थी।
उनकी गोद में मासूम भी थे। यही नहीं गर्भवती महिला भी ड्यूटी पर आई थीं। महिला कर्मचारियों का कहना था कि एक तो बच्चे उनके बिना रहते नहीं, दूसरे उनकी देखभाल करने वाला भी कोई नहीं है।
यह सभी विधानसभा क्षेत्रवार लगाए गए स्टालों पर अपनी चुनावी ड्यूटियों की उपस्थित दर्ज कराने में जुटी रहीं। ऐसे में महिला कर्मचारी दोहरी जिम्मेदारी निभाते नजर आईं।