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‘बीवी के लिए मासूम बहनों को मार डाला’

Sun, 24 Mar 2013 01:16 AM IST
मुजफ्फरनगर/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/ब्यूरो Updated Sun, 24 Mar 2013 01:16 AM IST
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sisters killing for wife

घर में अधिक बच्चे होने से बीवी घर छोड़कर चली गई। उसने शर्त रख दी कि जब तक भीड़ कम नहीं होती मैं नहीं आऊंगी।

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उसकी यह बात मुझे हर समय कचोटती रहती थी। मुझे भी बच्चों से नफरत हो गई थी। पिछले 14 दिन से हत्या का प्लान बना रहा था।

गुरुवार को मौका मिल गया, अब्बू बाहर थे और अम्मी खेत में गन्ने छील रही थी। दबे पांव मैं घर आया और दोनों बहनों को एक-एक कर मार डाला।

कुतुबपुर गांव में मासूम बहनों की हत्या करने वाले सद्दाम ने शनिवार को पुलिस के सामने इकबालिया बयान दिया। उसने कहा कि लवमैरिज के बाद बीवी शाहिस्ता के साथ नहीं रहने पर लोगों के सवालों ने मुझे परेशान कर रखा था। बीवी घर छोड़कर रामराज में अपने मामा के यहां रह रही थी।

जब भी मैं उसे लाने की बात करता तो वह कहती कि पहले घर की कुतरेड (बच्चों की भीड़) खत्म कर। एक कमरे में परिवार के साथ रहने से शाहिस्ता ने इंकार कर दिया था। मुझे कुछ नहीं सूझ रहा था। इसी उधेड़बुन ने मेरी नींद उड़ा रखी थी।
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14 दिन पहले मैंने तय कर लिया था कि परिवार में दो-तीन लोगों को खत्म करना है। हफ्तेभर पहले ही मैं एक मेडिकल स्टोर से नींद की गोलियां ले आया। अगले ही दिन मौका भी मिला, अब्बू काम पर गए और अम्मी भी, लेकिन कुछ ही देर में अम्मी लौट आई। उस दिन मैं घटना को अंजाम नहीं दे पाया।
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गुरुवार को अब्बू पिरान कलियर जा रहे थे। मैंने तय कर लिया कि आज का दिन खाली नहीं जाने दूंगा। अम्मी के साथ मैं भी खेत पर काम करने गया। दोपहर को चुपके से घर पहुंचा तो दोनों बच्चियां घर के बाहर उछलकूद कर रही थीं। देखते ही दोनों मुझे आकर चिपट गईं।

मैंने दिलशाना से चाय बनवाई और चुपके से चाय में नशीली गोलियां मिला दीं। तीनों बहनों को चाय पिला दी। दिलशाना पर दवा का असर नहीं हुआ तो मैंने उसे कूड़ा डालने के बहाने बाहर भेज दिया। इसके बाद शर्ट की बांह से खुशनसीब का गला घोट दिया, वह छटपटाती रही। बाद में मुस्कान का भी गला घोट दिया।


इसी बीच बदहवास हालत में दिलशाना आ गई, मैंने उसे भी इसी तरह मौत के घाट उतारने की धमकी देकर खामोश कर दिया। इसके बाद में भागकर खेत पर पहुंच गया और अम्मी के साथ गन्ना छीलने लगा। शाम को पता चलने पर मैंने रोने-धोने का नाटक किया, लेकिन दिलशाना ने पुलिस के सामने सबकुछ उगल दिया।

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