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बारिश से भीगा गेहूं, बढ़ी मुसीबत
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 03 May 2018 11:02 PM IST
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बर्डपुर क्रय केंद्र पर भीगा गेहूं।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। आंधी के साथ शुरू हुई बारिश ने मुसीबत बढ़ा दी है। क्रय केंद्रों पर रखा हजारों क्विंटल से अधिक गेहूं भीग गया। बारिश से गोदामों पर भी बुरा हाल रहा है। कारण खरीद के बाद गोदाम में गेहूूं नहीं पहुंच पाने के कारण भीग गए है। वहीं, तेज आंधी से कई जगहों पर बिजली व्यवस्था भी ठप बताई जा रही है।
सप्ताह के भर के भीतर दूसरी बार आंधी के साथ बारिश हुई है। बारिश का सबसे बुरा असर गेहूं क्रय केंद्रों पर पड़ा है। बीते रविवार को हुई बारिश में भीगा गेहूं अभी सूख नहीं पाया था कि बुधवार की रात दोबारा बारिश ने मुसीबत और बढ़ा दी है। इससे अधिकांश क्रय केंद्रों पर रखा गेहूं भीग चुका है। जिले में गेहूं खरीद के लिए इस बार118 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों से खरीद होने वाले गेहूं को रखने के लिए शाहपुर, ईसूपुर में गोदाम बना हुआ है। विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो प्रति दिन एक हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद हो रही है। इनमें अधिकांश केंद्र ऐसे हैं जहां दैनिक खरीद का भी गेहूं रखने के लिए गोदाम नहीं है। ऐसे में खरीदे गए गेहूं को बाहर ही रखा जाता है।
देर रात हुई बारिश से एक हजार से अधिक क्विंटल गेहूं के नुकसान होने का अनुमान है। बर्डपुर प्रतिनिधि के अनुसार मधुबेनिया क्रय केंद्र पर रखा लगभग 100 क्विंटल से अधिक गेहूं भीग गया है। वहीं, सहकारी समिति बर्डपुर में रखा 300 बोरी गेहूं भीगा है। ईसूपुर गोदाम पर गेहूं रखने के लिए लगभग 170 ट्रकों की लाइन लगी है। इसमें 30 ट्रक ऐसे थे, जिसमें तिरपाल नहीं लगा था। इस कारण ट्रक में रखे गेहूं भी भीग गए हैं। सदर तहसील क्षेत्र के धेंसा क्रय केंद्र पर रखा एक हजार क्विंटल से अधिक गेहूं भीग गए हैं। गोदाम के बाहर कई स्थानों पर पानी भी लग गया है।
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वहीं शाहपुर गोदाम के बाहर रखा गया लगभग 500 बोरी से अधिक गेहूं भीगने का अनुमान है। कुछ ऐसे ही हाल अन्य क्रय केंद्रों का भी रहा है। सप्ताह भर के भीतर भीगे गेहूं को विभाग कहां खपाएगा यह विभाग के लिए अब चुनौती बन गई है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश का गेहूं पर बहुत असर नहीं पड़ा है, जो गेहूं भीगे हैं, उसके सुखाने का इंतजाम किया जा रहा है।
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सप्ताह के भर के भीतर दूसरी बार आंधी के साथ बारिश हुई है। बारिश का सबसे बुरा असर गेहूं क्रय केंद्रों पर पड़ा है। बीते रविवार को हुई बारिश में भीगा गेहूं अभी सूख नहीं पाया था कि बुधवार की रात दोबारा बारिश ने मुसीबत और बढ़ा दी है। इससे अधिकांश क्रय केंद्रों पर रखा गेहूं भीग चुका है। जिले में गेहूं खरीद के लिए इस बार118 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों से खरीद होने वाले गेहूं को रखने के लिए शाहपुर, ईसूपुर में गोदाम बना हुआ है। विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो प्रति दिन एक हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद हो रही है। इनमें अधिकांश केंद्र ऐसे हैं जहां दैनिक खरीद का भी गेहूं रखने के लिए गोदाम नहीं है। ऐसे में खरीदे गए गेहूं को बाहर ही रखा जाता है।
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देर रात हुई बारिश से एक हजार से अधिक क्विंटल गेहूं के नुकसान होने का अनुमान है। बर्डपुर प्रतिनिधि के अनुसार मधुबेनिया क्रय केंद्र पर रखा लगभग 100 क्विंटल से अधिक गेहूं भीग गया है। वहीं, सहकारी समिति बर्डपुर में रखा 300 बोरी गेहूं भीगा है। ईसूपुर गोदाम पर गेहूं रखने के लिए लगभग 170 ट्रकों की लाइन लगी है। इसमें 30 ट्रक ऐसे थे, जिसमें तिरपाल नहीं लगा था। इस कारण ट्रक में रखे गेहूं भी भीग गए हैं। सदर तहसील क्षेत्र के धेंसा क्रय केंद्र पर रखा एक हजार क्विंटल से अधिक गेहूं भीग गए हैं। गोदाम के बाहर कई स्थानों पर पानी भी लग गया है।
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वहीं शाहपुर गोदाम के बाहर रखा गया लगभग 500 बोरी से अधिक गेहूं भीगने का अनुमान है। कुछ ऐसे ही हाल अन्य क्रय केंद्रों का भी रहा है। सप्ताह भर के भीतर भीगे गेहूं को विभाग कहां खपाएगा यह विभाग के लिए अब चुनौती बन गई है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश का गेहूं पर बहुत असर नहीं पड़ा है, जो गेहूं भीगे हैं, उसके सुखाने का इंतजाम किया जा रहा है।