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समस्याओं के बोझ से कराह रहा शेखनगर वार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Jun 2016 10:43 PM IST
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शोखनगर वार्ड के आवासीय काॅलोनी के पास जलभराव हुआ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। मुख्यालय की ह्दय स्थली माने जाने वाली गोबरहवा बाजार नगर पालिका के वार्ड नंबर दो शेखनगर का एक हिस्सा है। जिले की सबसे बड़ी मंडी यहीं लगती है। तीन हजार की आबादी को समेटे वार्ड में पिछले वर्ष एक बालक की मौत एईएस बीमारी से हो चुकी है। यहां समान अनुपात में अल्पसंख्यक समुदाय व सवर्ण निवास करते हैं। अनुसूचित जाति के लोग भी पर्याप्त संख्या में है। स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के लिए समुचित कदम नहीं उठाया।
रेलवे स्टेशन से सटे इस वार्ड की मुख्य समस्या बारिश के दिनों में होने वाला जलभराव है। बारहों माह रेलवे लाइन व वार्ड के बीच गंदा पानी भरा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। वार्ड में 4 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। तीन ठीक है, लेकिन एक को रिबोर करने के लिए जल निगम विभाग ने दो माह पूर्व सामान तो गिरा दिया पर ठेकेदार नदारद है।
वार्ड में लो वोल्टेज की समस्या आम है। नागरिकों ने कई बार विद्युत विभाग से ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बिजली के खंभों पर दिन में लाइट जलती है। बत्ती को बुझाने व विद्युत बचत के लिए कोई जिम्मेदार आगे नहीं बढ़ रहा।
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रेलवे स्टेशन से सटे इस वार्ड की मुख्य समस्या बारिश के दिनों में होने वाला जलभराव है। बारहों माह रेलवे लाइन व वार्ड के बीच गंदा पानी भरा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। वार्ड में 4 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। तीन ठीक है, लेकिन एक को रिबोर करने के लिए जल निगम विभाग ने दो माह पूर्व सामान तो गिरा दिया पर ठेकेदार नदारद है।
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वार्ड में लो वोल्टेज की समस्या आम है। नागरिकों ने कई बार विद्युत विभाग से ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बिजली के खंभों पर दिन में लाइट जलती है। बत्ती को बुझाने व विद्युत बचत के लिए कोई जिम्मेदार आगे नहीं बढ़ रहा।
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