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Siddharthnagar News: विसरा जांच सामने आएगा 28 दिन की बच्ची की मौत सच
Thu, 18 Jan 2024 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:53 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर ग्रांट गांव के टोला कंकालीडील में गड्ढे में मिली 28 दिन की बच्ची की मौत का राज पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं खुल पाया है। अब विसरा जांच में ही मौत की असली वजह सामने आएगी। वहीं पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। परिवार की ओर से पुलिस को कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है।
क्षेत्र के जगदीशपुर ग्रांट के टोला कंकाली डीह गांव निवासी राममिलन के पुत्री उर्मिला जो मायके में रह रही है। 28 दिन पहले उसे एक बेटी हुई थी। जिसका नाम उसने खुशबू रखा था। उर्मिला के मुताबिक मंगलवार रात में वह अलाव ताप रही थी। इसी बीच उसे झपकी आई और बच्ची गोद से गायब हो गई, कोई बच्ची को लेकर गोद से चला गया और उसे पता नहीं चला। दूसरे दिन गांव से सटे एक गड्ढे में खुशबू का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ती, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने केस को उलझा दिया है।
रिपोर्ट में मौत कारण स्पष्ट नहीं होना आया है। इसलिए अब विसरा जांच होगी। बच्ची के गायब होने और उसकी लाश गड्ढे में मिलने पर लोग पहले ही सवाल उठा रहे थे। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का स्पष्ट न होना केस को उलझा दिया है। अगर बच्ची गोद से कोई लेकर गया तो गड्ढे में क्यों फेंकता। अगर फेंका भी होता तो डूबने से मौत की बात आती। जबकि ऐसा नहीं हुआ। अगर सामान्य मौत हुई होती तो सभी को बताकर अंतिम संस्कार कर देते।
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बच्ची के गोद से गायब होने की बात कैसे आती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इन सवालों पर विराम लगा दिया। अगर रिपोर्ट में डूबने की बात आती तो पुलिस को इन सवालों से सभी जवाब मिल जाते। इस संबंध में शहर कोतवाल गौरव कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट होगा।
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क्षेत्र के जगदीशपुर ग्रांट के टोला कंकाली डीह गांव निवासी राममिलन के पुत्री उर्मिला जो मायके में रह रही है। 28 दिन पहले उसे एक बेटी हुई थी। जिसका नाम उसने खुशबू रखा था। उर्मिला के मुताबिक मंगलवार रात में वह अलाव ताप रही थी। इसी बीच उसे झपकी आई और बच्ची गोद से गायब हो गई, कोई बच्ची को लेकर गोद से चला गया और उसे पता नहीं चला। दूसरे दिन गांव से सटे एक गड्ढे में खुशबू का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ती, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने केस को उलझा दिया है।
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रिपोर्ट में मौत कारण स्पष्ट नहीं होना आया है। इसलिए अब विसरा जांच होगी। बच्ची के गायब होने और उसकी लाश गड्ढे में मिलने पर लोग पहले ही सवाल उठा रहे थे। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का स्पष्ट न होना केस को उलझा दिया है। अगर बच्ची गोद से कोई लेकर गया तो गड्ढे में क्यों फेंकता। अगर फेंका भी होता तो डूबने से मौत की बात आती। जबकि ऐसा नहीं हुआ। अगर सामान्य मौत हुई होती तो सभी को बताकर अंतिम संस्कार कर देते।
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बच्ची के गोद से गायब होने की बात कैसे आती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इन सवालों पर विराम लगा दिया। अगर रिपोर्ट में डूबने की बात आती तो पुलिस को इन सवालों से सभी जवाब मिल जाते। इस संबंध में शहर कोतवाल गौरव कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट होगा।