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ग्रामीणों ने शिकायत को झूठा बताया
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 10 May 2016 10:47 PM IST
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डीएम से मिलने जाते ग्राम भिटपरा के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खाद्यान्न वगितरण में अनियमितता को लेकर कोटेदार की शिकायत हुई तो सैकड़ों ग्रामीण कोटेदार के समर्थन में उतर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कोटेदार के पक्ष में आवाज बुलंद की। शिकायत को झूठी करार देते हुए शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
लोटन ब्लाक के भिटपरा गांव में हिफजुर्रहमान को कोटे की दुकान आवंटित है। गांव के कुछ लोगों ने पिछले दिनों ने खाद्यान्न वितरण में अनियदमितता का आरोप लगाते हुए तहसील प्रशासन को शिकायत पत्र दिया था। इसके आधार कोटेदार को जवाब देने के लिए नोटिस जारी हुआ।
इसकी सूचना के बाद मंगलवार को गांव के कार्डधारक लामबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कोटेदार के पक्ष में आवाज उठाते हुए शिकायत को झूठा करार दिया। कार्डधारकों का कहना था कि शिकायत में जो भी तथ्य रखें गए हैं, सब बेबुनियाद हैं।
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बीपीएल कार्डधारकों की सूची के आधार पर ही खाद्यान्न का वितरण हुआ है। सभी व्यक्तियां का अींगूठा व हस्ताक्षर कराकर खाद्यान्न दिया गया है। गांव में 16 वर्षों से हिफजुर्रहमान ही कोटे की दुकान चलाते आ रहे हैं, अब तक कोई समस्या नहीं आई है।
ऐसे में शिक यत पत्र को खारिज करते हुए झूठे प्रार्थना पत्र देकर प्रशासन को गुमराह करने वालों पर कार्रवाई की जाए। मामले में डीएम ने एसडीएम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। ज्ञापन देने वालों में उस्मान खान, रवींद्र कुमार, इस्तखार, रिजवान, रामसेवक, शकील अहमद आदि शामिल रहे।
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लोटन ब्लाक के भिटपरा गांव में हिफजुर्रहमान को कोटे की दुकान आवंटित है। गांव के कुछ लोगों ने पिछले दिनों ने खाद्यान्न वितरण में अनियदमितता का आरोप लगाते हुए तहसील प्रशासन को शिकायत पत्र दिया था। इसके आधार कोटेदार को जवाब देने के लिए नोटिस जारी हुआ।
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इसकी सूचना के बाद मंगलवार को गांव के कार्डधारक लामबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कोटेदार के पक्ष में आवाज उठाते हुए शिकायत को झूठा करार दिया। कार्डधारकों का कहना था कि शिकायत में जो भी तथ्य रखें गए हैं, सब बेबुनियाद हैं।
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बीपीएल कार्डधारकों की सूची के आधार पर ही खाद्यान्न का वितरण हुआ है। सभी व्यक्तियां का अींगूठा व हस्ताक्षर कराकर खाद्यान्न दिया गया है। गांव में 16 वर्षों से हिफजुर्रहमान ही कोटे की दुकान चलाते आ रहे हैं, अब तक कोई समस्या नहीं आई है।
ऐसे में शिक यत पत्र को खारिज करते हुए झूठे प्रार्थना पत्र देकर प्रशासन को गुमराह करने वालों पर कार्रवाई की जाए। मामले में डीएम ने एसडीएम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। ज्ञापन देने वालों में उस्मान खान, रवींद्र कुमार, इस्तखार, रिजवान, रामसेवक, शकील अहमद आदि शामिल रहे।