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Siddharthnagar News: दुष्कर्म की कोशिश मामले में पीड़िता का कोर्ट में दर्ज हुआ बयान
Thu, 19 Sep 2024 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 19 Sep 2024 12:47 AM IST
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एंबुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश और मारपीट के मामले में लखनऊ के कोर्ट में पीड़िता बयान हुआ दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। 29 अगस्त को अपने पति का इलाज करवाकर लखनऊ से घर लौट रही महिला के साथ एंबुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश के बाद पीड़िता के पति की मौत हो गई थी, जिसके बाद पीड़िता ने लखनऊ के गाजीपुर कोतवाली में तहरीर देकर एंबुलेंस ड्राइवर एवं उसके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मामले में लखनऊ पुलिस के बुलावे पर बुधवार को पीड़िता भाई और गांव के कुछ लोगों साथ चार पहिया वाहन से लखनऊ के गाजीपुर थाने में पहुंची। जहां से महिला पुलिस के साथ लखनऊ कोर्ट में पहुंची, जहां मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज हुआ। भाई के मुताबिक वह लखनऊ से घर से निकल चुकी है।
बता दें कि बांसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला 29 अगस्त को बीमार पति को निजी एंबुलेंस लेकर घर आ रही थी। इसी बीच एंबुलेंस में उससे दरिंदगी की कोशिश की गई थी। एंबुलेंस से बीमार को पति को उतार देने से बस्ती और फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर और ले जाते वक्त पति की रास्ते में मौत हो गई थी। इस घटना बस्ती जनपद के छावनी थाना क्षेत्र में हुआ था। छावनी पुलिस की ओर से केस दर्ज नहीं किए जाने क बाद लखनऊ के गाजीपुर थाना में एंबुलेंस चालक और सहयोगी पर केस दर्ज किया गया था।
इस मामले में लखनऊ पुलिस ने मुख्य आरोपी सूरज तिवारी के सहयोगी को दो दिन बाद गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। उसके बाद मुख्य आरोपी सूरज तिवारी खुद सरेंडर करके जेल चला गया था। इस संबंध में गाजीपुर कोतवाली की पुलिस ने पीड़िता के घर पर पहुंच कर बयान दर्ज कर लिया था और कोर्ट में बयान देने के लिए लखनऊ बुलाया था, लेकिन पति के ब्रह्मभोज कर्म की वजह से पीड़िता नहीं जा पाई थी। बुधवार को पीड़िता लखनऊ कोर्ट में बयान देने के लिए अपने भाई एवं गांव के कुछ लोगों के साथ घर से सुबह पांच बजे के करीब निजी साधन से निकल पड़ी। दोपहर में ग्यारह बजे के करीब पीड़िता अपने भाई के साथ लखनऊ गाजीपुर के कोतवाली में पहुंच गई। लेकिन पीड़िता का बयान लगभग शाम चार बजे के बाद कोर्ट में दर्ज हुआ।
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सकारपार। 29 अगस्त को अपने पति का इलाज करवाकर लखनऊ से घर लौट रही महिला के साथ एंबुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश के बाद पीड़िता के पति की मौत हो गई थी, जिसके बाद पीड़िता ने लखनऊ के गाजीपुर कोतवाली में तहरीर देकर एंबुलेंस ड्राइवर एवं उसके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मामले में लखनऊ पुलिस के बुलावे पर बुधवार को पीड़िता भाई और गांव के कुछ लोगों साथ चार पहिया वाहन से लखनऊ के गाजीपुर थाने में पहुंची। जहां से महिला पुलिस के साथ लखनऊ कोर्ट में पहुंची, जहां मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज हुआ। भाई के मुताबिक वह लखनऊ से घर से निकल चुकी है।
बता दें कि बांसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला 29 अगस्त को बीमार पति को निजी एंबुलेंस लेकर घर आ रही थी। इसी बीच एंबुलेंस में उससे दरिंदगी की कोशिश की गई थी। एंबुलेंस से बीमार को पति को उतार देने से बस्ती और फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर और ले जाते वक्त पति की रास्ते में मौत हो गई थी। इस घटना बस्ती जनपद के छावनी थाना क्षेत्र में हुआ था। छावनी पुलिस की ओर से केस दर्ज नहीं किए जाने क बाद लखनऊ के गाजीपुर थाना में एंबुलेंस चालक और सहयोगी पर केस दर्ज किया गया था।
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इस मामले में लखनऊ पुलिस ने मुख्य आरोपी सूरज तिवारी के सहयोगी को दो दिन बाद गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। उसके बाद मुख्य आरोपी सूरज तिवारी खुद सरेंडर करके जेल चला गया था। इस संबंध में गाजीपुर कोतवाली की पुलिस ने पीड़िता के घर पर पहुंच कर बयान दर्ज कर लिया था और कोर्ट में बयान देने के लिए लखनऊ बुलाया था, लेकिन पति के ब्रह्मभोज कर्म की वजह से पीड़िता नहीं जा पाई थी। बुधवार को पीड़िता लखनऊ कोर्ट में बयान देने के लिए अपने भाई एवं गांव के कुछ लोगों के साथ घर से सुबह पांच बजे के करीब निजी साधन से निकल पड़ी। दोपहर में ग्यारह बजे के करीब पीड़िता अपने भाई के साथ लखनऊ गाजीपुर के कोतवाली में पहुंच गई। लेकिन पीड़िता का बयान लगभग शाम चार बजे के बाद कोर्ट में दर्ज हुआ।
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