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पशु चिकित्साधिकारी बेच रहे नमूने की दवाएं
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पशु चिकित्साधिकारी पर वसूली का आरोप
‘नॉट फार सेल’ की दवाओं के एवज में वसूले 350 रुपये
इन दवाओं को बेचा नहीं जा सकता : मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। तहसील मुख्यालय पर स्थित अस्पताल पर तैनात चिकित्सक पर अवैध वसूली का आरोप लगा है। पीड़ित ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
बहेरिया निवासी अमरनाथ पांडेय ने भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सोमवार को डुमरियागंज स्थित सरकारी पशु अस्पताल पर दवा लेने गए थे। वहां पर तैनात चिकित्सक ने कहा कि 3.30 बजे आओ। बाद में पशु चिकित्साधिकारी ने कुछ दवाएं दीं, जिस पर ‘नॉट फार सेल’ लिखा था। ये सभी दवाएं नमूने की थी। फिर भी उसके बदले 700 रुपये की मांग की। काफी सिफारिश के बाद 350 रुपये लिए। पशुपालक ने बताया कि अस्पताल पर तैनात पशु चिकित्साधिकारी अक्सर नदारद रहते हैं। इनकी मनमानी चरम पर है। पीड़ित ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वेदब्रत गंगवार ने बताया कि ‘नॉट फार सेल’ लिखी दवाओं को बेचा नहीं जा सकता है। इस प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
अस्पताल 2.30 बजे बंद हो जाता है। उसके बाद पैसा लेने के लिए अधिकृत हूं। मैंने 350 रुपये दवा का लिया हूं। अस्पताल बंद होने के बाद ‘नॉट फॉर सेल’ की दवा के रुपये ले सकता हूं। - डॉ. अनवर आलम, पशु चिकित्साधिकारी
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‘नॉट फार सेल’ की दवाओं के एवज में वसूले 350 रुपये
इन दवाओं को बेचा नहीं जा सकता : मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। तहसील मुख्यालय पर स्थित अस्पताल पर तैनात चिकित्सक पर अवैध वसूली का आरोप लगा है। पीड़ित ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
बहेरिया निवासी अमरनाथ पांडेय ने भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सोमवार को डुमरियागंज स्थित सरकारी पशु अस्पताल पर दवा लेने गए थे। वहां पर तैनात चिकित्सक ने कहा कि 3.30 बजे आओ। बाद में पशु चिकित्साधिकारी ने कुछ दवाएं दीं, जिस पर ‘नॉट फार सेल’ लिखा था। ये सभी दवाएं नमूने की थी। फिर भी उसके बदले 700 रुपये की मांग की। काफी सिफारिश के बाद 350 रुपये लिए। पशुपालक ने बताया कि अस्पताल पर तैनात पशु चिकित्साधिकारी अक्सर नदारद रहते हैं। इनकी मनमानी चरम पर है। पीड़ित ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वेदब्रत गंगवार ने बताया कि ‘नॉट फार सेल’ लिखी दवाओं को बेचा नहीं जा सकता है। इस प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
अस्पताल 2.30 बजे बंद हो जाता है। उसके बाद पैसा लेने के लिए अधिकृत हूं। मैंने 350 रुपये दवा का लिया हूं। अस्पताल बंद होने के बाद ‘नॉट फॉर सेल’ की दवा के रुपये ले सकता हूं। - डॉ. अनवर आलम, पशु चिकित्साधिकारी
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