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अस्पताल की व्यवस्था पर उठ रहा सवाल
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 08 Dec 2015 11:33 PM IST
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जोगिया ब्लाक के बभनी बाजार का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौ साल बाद भी अधूरा है। इस बीच इसके निर्माण पर करीब 50 लाख खर्च हो चुके हैं।
25 गांवों के लोगों को इलाज के लिए शोहरतगढ़ सीएचसी और जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़े रहे हैं। बभनी बाजार में पीएचसी का निर्माण 2005 में शुरू हुआ था। कुल 48.65 लाख की लागत में से कार्यदाई संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम को 39 लाख 11 हजार रुपये की पहली किस्त मिली थी।
शेष बची राशि की दूसरी किस्त 2009 में जारी हुई। स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य भवन पूर्ण है, लेकिन अभी तक इसका विद्युतीकरण नहीं हुआ। पानी की टंकी नहीं बनी है। बाउंड्री का निर्माण लंबित है। भवन के ठीक सामने गड्ढे को भी नहीं भरा गया है।
अस्पताल अभी भी समीप स्थित किराए के एक कमरे में चल रहा है। क्षेत्र के ग्राम भटमला, डबरा, बनगंवा, भइसहवा, परसोहिया, जम्हिरिया, बैजनथा, खिरकियां सहित 25 गांव के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया जाना था।
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भवन निर्माण कार्य पूर्ण न होने से गांवों के लोगों को या तो शोहरतगढ़ या फिर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। महिला स्वास्थ्य कर्मी की मौजूदगी न होने से ज्यादा दिक्कत महिला मरीजों को होती है। समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि भवन में कुछ काम शेष हैं।
इससे लिए बजट की दरकार है। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। धनराशि प्राप्त होते ही काम पूरा कर अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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25 गांवों के लोगों को इलाज के लिए शोहरतगढ़ सीएचसी और जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़े रहे हैं। बभनी बाजार में पीएचसी का निर्माण 2005 में शुरू हुआ था। कुल 48.65 लाख की लागत में से कार्यदाई संस्था समाज कल्याण निर्माण निगम को 39 लाख 11 हजार रुपये की पहली किस्त मिली थी।
शेष बची राशि की दूसरी किस्त 2009 में जारी हुई। स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य भवन पूर्ण है, लेकिन अभी तक इसका विद्युतीकरण नहीं हुआ। पानी की टंकी नहीं बनी है। बाउंड्री का निर्माण लंबित है। भवन के ठीक सामने गड्ढे को भी नहीं भरा गया है।
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अस्पताल अभी भी समीप स्थित किराए के एक कमरे में चल रहा है। क्षेत्र के ग्राम भटमला, डबरा, बनगंवा, भइसहवा, परसोहिया, जम्हिरिया, बैजनथा, खिरकियां सहित 25 गांव के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया जाना था।
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भवन निर्माण कार्य पूर्ण न होने से गांवों के लोगों को या तो शोहरतगढ़ या फिर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। महिला स्वास्थ्य कर्मी की मौजूदगी न होने से ज्यादा दिक्कत महिला मरीजों को होती है। समाज कल्याण निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि भवन में कुछ काम शेष हैं।
इससे लिए बजट की दरकार है। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। धनराशि प्राप्त होते ही काम पूरा कर अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।