{"_id":"64569a3e312d6593d401d439","slug":"unknown-players-play-in-the-stadium-how-will-security-be-guaranteed-siddharthnagar-news-c-7-1-155228-2023-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: स्टेडियम में खेलते हैं अनजान खिलाड़ी, कैसे होगी सुरक्षा की गारंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: स्टेडियम में खेलते हैं अनजान खिलाड़ी, कैसे होगी सुरक्षा की गारंटी
Sat, 06 May 2023 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 06 May 2023 11:49 PM IST
विज्ञापन
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में वॉलीबॉल खेलते हुए खिलाड़ी।
सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में गैर पंजीकृत खिलाड़ियों के खेलने पहुंचने से विवाद की आशंका बनी हुई है। शौकिया खेलने पहुंचने वाले इन खिलाड़ियों ने खेल विभाग में पंजीयन नहीं कराया है। इस कारण अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों को भी पता नहीं है कि कौन-कौन लोग शौकिया खेलने आते हैं। वहीं इनके आने से कॅरियर बनाने के लिए मैदान में उतरे उभरते हुए खिलाड़ी भी असुविधा की शिकायत करते हैं।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैडमिंटन, वॉलीबॉल और फुटबाल के शौकिया खिलाड़ियों पर खेल विभाग के नियम लागू नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने न तो पंजीयन कराया है और न ही शुल्क जमा करते हैं। नियम के अनुसार स्टेडियम में सुबह 5.30 से 8.30 बजे और शाम 4 से 7 बजे स्टेडियम में प्रैक्टिस होनी चाहिए, लेकिन फुटबाल शौकिया खिलाड़ी रात 10 बजे तक खेलते हैं और सुरक्षा कारणों से भी देर रात निगरानी करनी होती है।
सुरक्षा के लिए भी पंजीयन आवश्यक
कई सालों से स्टेडियम नियम ताक पर है। सुरक्षा के लिहाज से पहचान पत्र मांगने वालों अधिकारियों को भी खरी-खोटी सुनने की नौबत आ जाती है। बैडमिंटन में सुबह 6 से 8.30 बजे तक और शाम करीब 60 लोग खेलने जाते हैं। सुबह वॉलीबॉल में 30 और रात में फुटबाल में 32 लोग खेलते हैं। इनमें अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, अधिवक्ता सहित कुछ प्रभावशाली लोग हैं। वहीं कॅरियर बनाने के लिए एथलेटिक्स में 40, क्रिकेट में 35, वॉलीबॉल बालिका में 20, स्वीमिंग में 40 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जबकि ताइक्वांडो खिलाड़ियों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन
यह है नियम
18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को 160 रुपये शुल्क जमा करने पर पूरे साल प्रैक्टिस करने की सुविधा दी जाती है। शौकिया खेलने वाले लोगों को बैडमिंटन में 1000 रुपये वार्षिक शुल्क प्रोत्साहन समिति जमा करने का नियम है, उसके बाद प्रतिमाह 300 रुपये शुल्क जमा करना चाहिए। इसी प्रकार अन्य खेलों में वार्षिक प्रोत्साहन शुल्क के साथ 210 रुपये मासिक शुल्क करना चाहिए।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में अप्रैल में नया सत्र शुरू हुआ है। नियमित तौर पर शौकिया खेलने वाले लोगों से पंजीयन कराने के लिए कहा जाएगा। खेल प्रोत्साहन समिति में जमा शुल्क खेल संसाधनों का विकास करने में उपयोगी होता है।
आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ाधिकारी
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलने वालों लोगों के पंजीयन नहीं होने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इस बारे में क्रीड़ाधिकारी से जानकारी मांगी जाएगी। नए सत्र में बिना पंजीयन वाले नहीं खेलेंगे।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी
विज्ञापन
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैडमिंटन, वॉलीबॉल और फुटबाल के शौकिया खिलाड़ियों पर खेल विभाग के नियम लागू नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने न तो पंजीयन कराया है और न ही शुल्क जमा करते हैं। नियम के अनुसार स्टेडियम में सुबह 5.30 से 8.30 बजे और शाम 4 से 7 बजे स्टेडियम में प्रैक्टिस होनी चाहिए, लेकिन फुटबाल शौकिया खिलाड़ी रात 10 बजे तक खेलते हैं और सुरक्षा कारणों से भी देर रात निगरानी करनी होती है।
विज्ञापन
सुरक्षा के लिए भी पंजीयन आवश्यक
कई सालों से स्टेडियम नियम ताक पर है। सुरक्षा के लिहाज से पहचान पत्र मांगने वालों अधिकारियों को भी खरी-खोटी सुनने की नौबत आ जाती है। बैडमिंटन में सुबह 6 से 8.30 बजे तक और शाम करीब 60 लोग खेलने जाते हैं। सुबह वॉलीबॉल में 30 और रात में फुटबाल में 32 लोग खेलते हैं। इनमें अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, अधिवक्ता सहित कुछ प्रभावशाली लोग हैं। वहीं कॅरियर बनाने के लिए एथलेटिक्स में 40, क्रिकेट में 35, वॉलीबॉल बालिका में 20, स्वीमिंग में 40 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है, जबकि ताइक्वांडो खिलाड़ियों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन
यह है नियम
18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को 160 रुपये शुल्क जमा करने पर पूरे साल प्रैक्टिस करने की सुविधा दी जाती है। शौकिया खेलने वाले लोगों को बैडमिंटन में 1000 रुपये वार्षिक शुल्क प्रोत्साहन समिति जमा करने का नियम है, उसके बाद प्रतिमाह 300 रुपये शुल्क जमा करना चाहिए। इसी प्रकार अन्य खेलों में वार्षिक प्रोत्साहन शुल्क के साथ 210 रुपये मासिक शुल्क करना चाहिए।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में अप्रैल में नया सत्र शुरू हुआ है। नियमित तौर पर शौकिया खेलने वाले लोगों से पंजीयन कराने के लिए कहा जाएगा। खेल प्रोत्साहन समिति में जमा शुल्क खेल संसाधनों का विकास करने में उपयोगी होता है।
आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ाधिकारी
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलने वालों लोगों के पंजीयन नहीं होने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इस बारे में क्रीड़ाधिकारी से जानकारी मांगी जाएगी। नए सत्र में बिना पंजीयन वाले नहीं खेलेंगे।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी