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विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने सुना प्रधानमंत्री का संदेश
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विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने सुना प्रधानमंत्री का संदेश
कपिलवस्तु। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक वर्ष पूरे होने पर महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन संबोधित किया। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में भी पीएम का उद्बोधन सुना गया।
शिक्षकों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल विकास तथा क्षमता की पहचान कर व्यक्ति को उन्नत बनाने का महत्वपूर्ण कार्य करने वाला साबित होगा। यह मानवीय क्षमताओं को विकसित कर युवाओं को आत्मनिर्भर भी बनाने वाला महत्वपूर्ण योजना है। डिजिटल इंडिया को राष्ट्रीय शिक्षा नीति निश्चित रूप से साकार स्वरूप देगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं में विश्वास पैदा करने वाली भी साबित होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्या प्रवेश के माध्यम से बच्चों को खेलते हुए पढ़ने के गुर सिखाए जाएंगे।
पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिव्यांगजनों के लिए साइन लैग्वेज को भाषा के रूप में मान्यता एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस दौरान कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव, कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी अजय सोनकर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. हरीश शर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अश्वनी मिश्र सहित विवि के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।
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कपिलवस्तु। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक वर्ष पूरे होने पर महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन संबोधित किया। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में भी पीएम का उद्बोधन सुना गया।
शिक्षकों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल विकास तथा क्षमता की पहचान कर व्यक्ति को उन्नत बनाने का महत्वपूर्ण कार्य करने वाला साबित होगा। यह मानवीय क्षमताओं को विकसित कर युवाओं को आत्मनिर्भर भी बनाने वाला महत्वपूर्ण योजना है। डिजिटल इंडिया को राष्ट्रीय शिक्षा नीति निश्चित रूप से साकार स्वरूप देगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं में विश्वास पैदा करने वाली भी साबित होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्या प्रवेश के माध्यम से बच्चों को खेलते हुए पढ़ने के गुर सिखाए जाएंगे।
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पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिव्यांगजनों के लिए साइन लैग्वेज को भाषा के रूप में मान्यता एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस दौरान कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव, कुलसचिव राकेश कुमार, वित्त अधिकारी अजय सोनकर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. हरीश शर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी अश्वनी मिश्र सहित विवि के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।
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