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Siddharthnagar News: डेढ़ माह बाद भी तय नहीं हुआ विवि की बस का रूट
Sun, 17 Nov 2024 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 17 Nov 2024 01:47 AM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में खड़ी बस। संवाद
सिद्धार्थनगर। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में एक नवंबर 2024 को आयोजित दीक्षांत समारोह से पहले मुफ्त बस की सौगात दी थी।
इस बस में छात्र-छात्राओं को निशुल्क आने-जाने की सुविधा मिलनी थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन डेढ़ माह बाद भी बस का रूट निर्धारित नहीं कर पाया है।
इस कारण विद्यार्थियों को इस सौगात का लाभ पूरी तरह से नहीं मिल पा रहा है। भारत नेपाल के अलीगढ़वा बॉर्डर स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के रूट पर परिवहन सुविधाओं का अभाव है। इस कारण विश्वविद्यालय की ओर से छात्र संख्या बढ़ाने के लिए दो बसों को संचालित किया जा रहा है।
इस बार राज्यपाल की ओर से एक बस मिली तो छात्र-छात्राओं को उम्मीद जगी कि कई नए क्षेत्रों में भी बस सुविधा मिलेगी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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किराया जमा करने के आधार पर चलने वाले दो अन्य बसों को विश्वविद्यालय नौगढ़ व लोटन रूटों पर संचालित कर रहा है।
नौगढ़ व शोहरतगढ़ से विश्वविद्यालय पढ़ने जाने वाले छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय कैंपस से सनई तक चलने वाली बस में केवल छात्राओं के लिए सुविधा दी गई है।
इससे कई छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचने के लिए प्राइवेट वाहनों का प्रयोग करना पड़ता ह।
छात्रों ने बताया कि उन्होंने नई बस के संचालन को लेकर कई बार कुलसचिव से मुलाकात की, लेकिन नई बस सेवा शुरू नहीं हुई, जबकि राज्यपाल ने इस बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है।
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इस बस में छात्र-छात्राओं को निशुल्क आने-जाने की सुविधा मिलनी थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन डेढ़ माह बाद भी बस का रूट निर्धारित नहीं कर पाया है।
इस कारण विद्यार्थियों को इस सौगात का लाभ पूरी तरह से नहीं मिल पा रहा है। भारत नेपाल के अलीगढ़वा बॉर्डर स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के रूट पर परिवहन सुविधाओं का अभाव है। इस कारण विश्वविद्यालय की ओर से छात्र संख्या बढ़ाने के लिए दो बसों को संचालित किया जा रहा है।
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इस बार राज्यपाल की ओर से एक बस मिली तो छात्र-छात्राओं को उम्मीद जगी कि कई नए क्षेत्रों में भी बस सुविधा मिलेगी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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किराया जमा करने के आधार पर चलने वाले दो अन्य बसों को विश्वविद्यालय नौगढ़ व लोटन रूटों पर संचालित कर रहा है।
नौगढ़ व शोहरतगढ़ से विश्वविद्यालय पढ़ने जाने वाले छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय कैंपस से सनई तक चलने वाली बस में केवल छात्राओं के लिए सुविधा दी गई है।
इससे कई छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचने के लिए प्राइवेट वाहनों का प्रयोग करना पड़ता ह।
छात्रों ने बताया कि उन्होंने नई बस के संचालन को लेकर कई बार कुलसचिव से मुलाकात की, लेकिन नई बस सेवा शुरू नहीं हुई, जबकि राज्यपाल ने इस बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है।
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