फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Three rivers still above red mark

तीन नदियां अब भी लाल निशान से ऊपर

Sun, 05 Sep 2021 10:29 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 10:29 PM IST
विज्ञापन
Three rivers still above red mark
न्नीजोत क्षेत्र के महोखवा गांव में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
तीन नदियां अब भी लाल निशान से ऊपर
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। जिले में रविवार को सभी नदियों का जलस्तर कम हुआ। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों की बड़ी तसल्ली मिली। बांधों के किनारे रिसाव और कटान रोकने के लिए पहरा देने वाले लोगों नेे भी राहत महसूस की है। हालांकि अब भी तीन नदियों का जलस्तर लाल निशान से ऊपर है। बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याएं कायम हैं।
जिले में राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, बानगंबा, जमुआर, तेलार नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। फिलहाल राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर हैं। राप्ती नदी खतरे के निशान से 94 सेमी. ऊपर है। बूढ़ी 1.35 मीटर और कूड़ा नदी 61 सेमी. ऊपर है, जबकि अन्य नदियां खतरे के निशान से नीचे उतर गई है। इस कारण कई मार्ग से पानी उतर गया है। लोगों को राहत मिलने लगी है। एडीएम सीताराम गुप्ता ने बताया कि संपर्क विहीन गांवों की संख्या 181 ही है, जबकि 417 गांव बाढ़ प्रभावित हैं।
विज्ञापन

भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लॉक क्षेत्र में भले ही राप्ती का जलस्तर कम हो रहा है, मगर पिकौरा गांव निवासी शिव प्रसाद, गंगा केशर, सनोहर तथा मनोहर का मकान राप्ती के कटान के मुहाने पर है तथा कुछ हिस्सा नदी में विलीन हो चुका। अभी तक कोई तो जांच करने जिम्मेदार नहीं आए। बाढ़ राहत के नाम पर मिली खाद्य सामग्री भी नाकाफी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

परसा प्रतिनिधि के अनुसार, शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बूढ़ी राप्ती नदी, घोरही और सोतवा नाले के बढ़े जलस्तर से क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामपंचायतों के दो दर्जन से अधिक टोलों में बाढ़ का पानी कम हो गया है। सभी मार्गों से बाढ़ का पानी हट गया है। बाढ़ से सबसे अधिक दिक्कत धान की खेती करने वाले किसानों को हुई है। खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां, तौलिहवा, गड़रखा, मटियार उर्फ भुतहवा आदि ग्रामपंचायतों के लगभग सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है। बाढ़ से प्रभावित गड़रखा के मोहनकोली टोले में अभी तक राहत सामग्री न बंटने के कारण टोले वासियों में रोष व्याप्त है। टोले वासियों ने मोहनकोली टोले को मैरुंड घोषित कर राहत सामग्री वितरण करने की मांग की है। इस संबंध में शोहरतगढ़ तहसीलदार धर्मवीर भारती ने कहा कि एक-दो दिन में मोहनकोली में राहत सामग्री वितरित कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed