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Siddharthnagar News: 1.20 करोड़ सरकारी धन डकारने वाले पुलिस की पकड़ से दूर

Mon, 16 Sep 2024 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 16 Sep 2024 12:24 AM IST
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Those who belched 1.20 crore government money are away from the police.
-धान खरीद में सरकारी धन गबन करने की हुई थी पुष्टि, त्रिलोकपुर में दर्ज हुआ था मुकदमा
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-ढाई करोड़ गबन के मामले में चार लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा

-बांसी कोतवाली की पुलिस ने दो इनामी सवा करोड़ की गबन के आरोपियों को भेजी है जेल

-त्रिलोकपुर और खेसरहा पुलिस आरोपियों को गिरफ्तारी में दिख रही शिथिल
-पुलिस की लापरवाही आरोपियों को दे रही समय ले सकते हैं अग्रिम जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। धान खरीद में 1.20 करोड़ रुपये के गबन के दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। संबंधित विभाग के अधिकारी की तहरीर पर त्रिलोकपुर और खेसरहा पुलिस ने दो अलग-अग आरोपियों पर केस दर्ज किया था, लेकिन उन्हें दबोचने में पुलिस शिथिल दिख रही है। जबकि, उसी तरह के गबन के केस में बांसी कोतवाली की पुलिस ने दो दिन पहले दो आरोपियों को दबोच कर जेल भेजा है। गिरफ्तारी में शिथिलता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। वहीं, लोगों का कहना है कि जितनी देरी हो रही है, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए कोई न कोई उपाय ढूंढ लेंगे, जिससे उन्हें राहत मिल जाएगी।
धान खरीद में सरकारी धन के गबन की जांच शुरू हुई तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई थी। मामला पकड़ में आने के बाद बड़ी धनराशि को जमा कर दिया गया था। इसमें बांसी कोतवाली क्षेत्र के दो और त्रिलोकपुर क्षेत्र के दो क्रय केंद्र प्रभारी पर लगभग ढ़ाई करोड़ रुपये की गड़बड़ी किया जाना पाया गया था। रुपये जमा करने के लिए विभाग की ओर से कई बार कहा गया, लेकिन धनराशि जमा नहीं की गई। इसके बाद केस दर्ज कराने का आदेश हुआ था। इस मामले में बांसी कोतवाली में विभागीय अधिकारी तहरीर पर दो क्रय केंद्र प्रभारी जो सगे भाई थे, उनके खिलाफ के आवश्यक वस्तु अधिनियम, सरकारी धन के गबन का केस दर्ज किया गया था। मुकदमें की गंभीरता को देखते हुए विवेचक की ओर से धारा में वृद्धि दर्ज किया था। इसी प्रकार त्रिलोकपुर थाने में विभाग के संबंधित अधिकारी की ओर से सिद्धार्थ सिंह क्रय केंद्र प्रभारी पीसीएफ केंद्र सिसवा के खिलाफ त्रिलोकपुर थाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम, सरकारी धन के गबन का केस दर्ज किया था।
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इसी प्रकार विभाग की ओर से पंकज यादव पीसीएफ केंद्र लमुईताल खेसरहा में केस दर्ज करवाया गया था। एक पर 58 लाख और एक पर 62 लाख रुपये गबन का केस दर्ज हुआ था। बांरी में दर्ज हुए मुकदमें में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित था। दो दिन पहले एसओजी और बांसी कोतवाली की पुलिस ने काजी रुधौली के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पर त्रिलोकपुर और खेसरहा पुलिस अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी करने में विफल नजर आ रही है। जबकि, एक ही दिन दोनों मामलों में 10 अगस्त को केस दर्ज हुआ था। सूत्रों की माने तो पुलिस की शिथिलता से आरोपियों को बचने के लिए कोई काट जरूरी निकाल लेंगे। अभी तक इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित नहीं है। इस संबंध में एसओ त्रिलोकपुर विजय शंकर सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी हुई है। जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। वहीं, एसओ खेसरहा चंदन कुमार ने बताया कि पुलिस की दो टीम लगी है, जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
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