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पढ़ाई के साथ बच्चों का करें रोज मूल्यांकन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 03 Apr 2016 10:42 PM IST
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पुलिस भर्ती के िलए उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बर्डपुर बीआरसी पर चल रहे चार दिवसीय कौशल विकास व सतत व्यापक मूल्यांकन प्रशिक्षण का समापन रविवार को हुआ। प्रशिक्षण में शिक्षकों को अध्यापन कार्य को रुचिकर और प्रभावी बनाने के टिप्स दिए गए।
प्रशिक्षक दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों को पढ़ाई के साथ बच्चों का रोजाना मूल्यांकन भी करना होगा। शिक्षण कार्य को अच्छे से करने के लिए अब बच्चों का प्रोफाइल बनाना पड़ेगा। इसमें प्रतिदिन सतत मूल्यांकन लिखना होगा।
इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षक समशुल हक ने बताया कि बच्चों के शब्द भंडार को बढ़ाना, मौखिक भाषा का विकास, कक्षा-कक्ष का लिखित मुद्रित वातावरण बनाना, बाल पुस्तक के लिए अच्छी किताबों का चयन करना यह सभी कार्य जरूरी है।
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वहीं उच्च प्राथमिक स्तर प्रशिक्षक अंशुमान सिंह ने बताया कि डिकोडिंग के माध्यम से शिक्षा दिया जाना है, जिससे बच्चे धारा प्रवाह बोल-पढ़ सके। शैलेंद्र कुमार मिश्र ने प्रशिक्षण में बच्चों को पढ़ाने के बारे में नाटक व गीत के माध्यम से बताया।
इस अवसर पर सरोज भारती, प्राणनाथ यादव, लाल बहादुर यादव, जग्गल प्रसाद, पूनम सिंह, ऊषा चौरसिया, प्रमिला श्रीवास्तव, अलका श्रीवास्तव, वंदना, रेनू यादव, कविता चौधरी, राजकुमारी, सरिता अंबेडकर, विजय लक्ष्मी जायसवाल, रजनी मिश्रा और अनिल कुमारी आदि मौजूद रहे।
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प्रशिक्षक दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों को पढ़ाई के साथ बच्चों का रोजाना मूल्यांकन भी करना होगा। शिक्षण कार्य को अच्छे से करने के लिए अब बच्चों का प्रोफाइल बनाना पड़ेगा। इसमें प्रतिदिन सतत मूल्यांकन लिखना होगा।
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इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षक समशुल हक ने बताया कि बच्चों के शब्द भंडार को बढ़ाना, मौखिक भाषा का विकास, कक्षा-कक्ष का लिखित मुद्रित वातावरण बनाना, बाल पुस्तक के लिए अच्छी किताबों का चयन करना यह सभी कार्य जरूरी है।
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वहीं उच्च प्राथमिक स्तर प्रशिक्षक अंशुमान सिंह ने बताया कि डिकोडिंग के माध्यम से शिक्षा दिया जाना है, जिससे बच्चे धारा प्रवाह बोल-पढ़ सके। शैलेंद्र कुमार मिश्र ने प्रशिक्षण में बच्चों को पढ़ाने के बारे में नाटक व गीत के माध्यम से बताया।
इस अवसर पर सरोज भारती, प्राणनाथ यादव, लाल बहादुर यादव, जग्गल प्रसाद, पूनम सिंह, ऊषा चौरसिया, प्रमिला श्रीवास्तव, अलका श्रीवास्तव, वंदना, रेनू यादव, कविता चौधरी, राजकुमारी, सरिता अंबेडकर, विजय लक्ष्मी जायसवाल, रजनी मिश्रा और अनिल कुमारी आदि मौजूद रहे।