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अभ्यर्थियों की सुस्ती से वार्षिक परीक्षा पर संकट
सिद्धार्थनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Mar 2017 11:47 PM IST
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परीक्षा फाइल फोटो
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सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि (6 मार्च) नजदीक आ रही है, मगर अभ्यर्थियों की रफ्तार बेहद सुस्त है। अब तक महज 48 हजार अभ्यर्थियों ने ही रजिस्ट्रेशन के बाद शुल्क जमा कर फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी की है। इसमें भी नौ हजार अभ्यर्थियों के फोटो ही अपलोड नहीं हैं। रजिस्ट्रेशन कराने वाले कुल 1.45 लाख अभ्यर्थियों ने 6 मार्च तक फीस जमा नहीं की तो समय से वार्षिक परीक्षा शुरू हो पाना संभव नहीं है। परीक्षा लेट हुई तो फिर न सिर्फ पूरा सत्र प्रभावित होगा, बल्कि छात्र-छात्राओं के भविष्य पर भी बुरा असर पड़ना तय है।
यूनिवर्सिटी ने वार्षिक परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सात फरवरी से ही शुरू कर दी थी। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है, इससे छात्र-छात्रा आसानी से रजिस्ट्रेशन कर शुल्क जमा कर सकें। इन सहूलियतों के बावजूद प्रक्रिया बेहद सुस्त है। अब तक 1.45 लाख छात्र-छात्राओं ने यूनिवर्सिटी के पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि फीस महज 48 ने ही जमा किया है। इसमें भी नौ हजार अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके फोटो ही अपलोड नहीं है। ऐसे में उनकी पहचान भी मुश्किल हो गई है। आधे-अधूरे इन फार्मों के चलते मार्च के द्वितीय पखवाड़े से प्रस्तावित यूनिवर्सिटी के वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां बुरी तरह बाधित हैं। सूत्रों की मानें तो अगर समय से परीक्षा करानी है तो इसके लिए कम से कम 15 दिन पहले परीक्षा फार्म भर जाने चाहिए। मगर अभ्यर्थियों की सुस्त रफ्तार से यह संभव नहीं दिख रहा। ऐसे में समय से वार्षिक परीक्षाओं पर संशय गहराता जा रहा है। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस पर सख्त रूख अख्तियार किया है। प्रभारी कुलसचिव महेंद्र कुमार का कहना है कि यूनिवर्सिटी समय से परीक्षा के लिए तैयार है। परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च निर्धारित की गई है। यह अंतिम विस्तार भी है। लिहाजा इस समय तक अगर फार्म नहीं भरते तो ऐसे अभ्यर्थियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा। इसके लिए संबंधित छात्र और कॉलेज प्रबंधन सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
इनसेट
परीक्षा में देरी हुई तो प्रभावित होगा सत्र
परीक्षा फार्म भरने को लेकर अभ्यर्थियों की सुस्ती यूं ही बनी रही तो इसका सीधा असर उनके भविष्य पर ही पड़ेगा। वार्षिक परीक्षा में देरी से रिजल्ट में भी देरी आएगी। लिहाजा नया सत्र भी देर से शुरू होगा। ऐसे में अन्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रवेश का सपना संजोए छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी बढ़ सकती है। छात्रवृत्ति सहित अन्य आवेदन के लिए भी समय से रिजल्ट न उपलब्ध न होने से अभ्यर्थी परेशानी में आएंगे।
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यूनिवर्सिटी ने वार्षिक परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सात फरवरी से ही शुरू कर दी थी। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है, इससे छात्र-छात्रा आसानी से रजिस्ट्रेशन कर शुल्क जमा कर सकें। इन सहूलियतों के बावजूद प्रक्रिया बेहद सुस्त है। अब तक 1.45 लाख छात्र-छात्राओं ने यूनिवर्सिटी के पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि फीस महज 48 ने ही जमा किया है। इसमें भी नौ हजार अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके फोटो ही अपलोड नहीं है। ऐसे में उनकी पहचान भी मुश्किल हो गई है। आधे-अधूरे इन फार्मों के चलते मार्च के द्वितीय पखवाड़े से प्रस्तावित यूनिवर्सिटी के वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियां बुरी तरह बाधित हैं। सूत्रों की मानें तो अगर समय से परीक्षा करानी है तो इसके लिए कम से कम 15 दिन पहले परीक्षा फार्म भर जाने चाहिए। मगर अभ्यर्थियों की सुस्त रफ्तार से यह संभव नहीं दिख रहा। ऐसे में समय से वार्षिक परीक्षाओं पर संशय गहराता जा रहा है। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस पर सख्त रूख अख्तियार किया है। प्रभारी कुलसचिव महेंद्र कुमार का कहना है कि यूनिवर्सिटी समय से परीक्षा के लिए तैयार है। परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च निर्धारित की गई है। यह अंतिम विस्तार भी है। लिहाजा इस समय तक अगर फार्म नहीं भरते तो ऐसे अभ्यर्थियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा। इसके लिए संबंधित छात्र और कॉलेज प्रबंधन सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।
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परीक्षा में देरी हुई तो प्रभावित होगा सत्र
परीक्षा फार्म भरने को लेकर अभ्यर्थियों की सुस्ती यूं ही बनी रही तो इसका सीधा असर उनके भविष्य पर ही पड़ेगा। वार्षिक परीक्षा में देरी से रिजल्ट में भी देरी आएगी। लिहाजा नया सत्र भी देर से शुरू होगा। ऐसे में अन्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रवेश का सपना संजोए छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी बढ़ सकती है। छात्रवृत्ति सहित अन्य आवेदन के लिए भी समय से रिजल्ट न उपलब्ध न होने से अभ्यर्थी परेशानी में आएंगे।
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