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सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाएंगे शिक्षक
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सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाएंगे अध्यापक
यातायात नियमों से प्रशिक्षित शिक्षक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाऐंगे यातायात का पाठ
जिले के 206 माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय के शिक्षक करेंगे बच्चों को प्रशिक्षित
बढ़ते हुए सड़क हादसों को रोकने के लिए शुरू हुई पहल, दो नोडल अधिकारी नामित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब विद्यालय के शिक्षक यातायात पुलिस की भूमिका में दिखेंगे। वे बच्चों को विद्यालय में यातायात का पाठ पढ़ाएंगे। इसके लिए उन्हें यातायात निमयों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे वह बच्चों को सड़क हादसे से बचने के बारे में जानकारी दे सकें। प्रशिक्षण जिले के 201 माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय और सीबीएसई के विद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे। प्रशिक्षण के लिए दो लोगों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
यातायात नियमों की जानकारी न होने के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। बढ़ते हुए सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार तमाम नियम बना रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद सड़क हादसों में कमी के बजाय और तेजी आ रही है। बढ़ते हुए सड़क हादसों को रोकने के लिए नया तरकीब अपनाया जा रहा है। शिक्षकों को यातायात नियम को पाठ पढ़ाया जाएगा। वह यातायात पुलिस की भूमिका में नजर आएंगे।
शिक्षकों को इसलिए प्रशिक्षित किया जाएगा कि वह नियमित विद्यालय के बच्चों को यातायात नियम से जुड़ी जानकारी दे सकें जिससे हादसों को रोका जा सके। इसके पीछे शासन की मंशा है कि हादसों का शिकार सबसे अधिक युवा वर्ग होता है। इसमें छात्रों की संख्या अधिक होती है। अगर उन्हें नियमित यातायात नियम की जानकारी दी जाएगी तो काफी हद तक हादसों में कमी आएगी। शासन की ओर से निर्देश मिलने के बाद प्रशिक्षण के लिए विभागीय तैयारी पूरी कर ली गई है।
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डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को मिलेगी जानकारी
इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम चलेगा तो डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को सीधे जानकारी मिल सके। कारण जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के 201 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा सीबीएसई के विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें डेढ़ लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। ऐसे में इन्हें सीधे तौर पर नियमित जानकारी मिलेगी। यह बच्चे परिवार और अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे।
इन नियमों के बारे में दिया जाएगा प्रशिक्षण
शिक्षकों को सड़क चलने में कौन- कौन सी सावधानी बरतनी है इसके बारे में बताया जाएगा। इसमें बिना हेलमेट के वाहन नहीं चलाने, अपने ही लेन में चलने, तेज गति में वाहन नहीं चलाने, मुड़ते समय डीपर का प्रयोग करने, चार पहिया वाहन चलाते सयम सीटबेल्ट का प्रयोग करने सहित अन्य जानकारी दी जाएगी। जिसे प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों को बताएंगे।
आज जयकिसान इंटर कॉलेज में दिया जाएगा प्रशिक्षण
जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि सड़क सुरक्षा के बारे में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। शुक्रवार यानी 15 जनवरी को जयकिसान इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालय और सीबीएसई के विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण में बुलाया गया है। वह प्रशिक्षण प्राप्त करके बच्चों को जानकारी देंगे।
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यातायात नियमों से प्रशिक्षित शिक्षक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाऐंगे यातायात का पाठ
जिले के 206 माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय के शिक्षक करेंगे बच्चों को प्रशिक्षित
बढ़ते हुए सड़क हादसों को रोकने के लिए शुरू हुई पहल, दो नोडल अधिकारी नामित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब विद्यालय के शिक्षक यातायात पुलिस की भूमिका में दिखेंगे। वे बच्चों को विद्यालय में यातायात का पाठ पढ़ाएंगे। इसके लिए उन्हें यातायात निमयों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे वह बच्चों को सड़क हादसे से बचने के बारे में जानकारी दे सकें। प्रशिक्षण जिले के 201 माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालय और सीबीएसई के विद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षण लेंगे। प्रशिक्षण के लिए दो लोगों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
यातायात नियमों की जानकारी न होने के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। बढ़ते हुए सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार तमाम नियम बना रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद सड़क हादसों में कमी के बजाय और तेजी आ रही है। बढ़ते हुए सड़क हादसों को रोकने के लिए नया तरकीब अपनाया जा रहा है। शिक्षकों को यातायात नियम को पाठ पढ़ाया जाएगा। वह यातायात पुलिस की भूमिका में नजर आएंगे।
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शिक्षकों को इसलिए प्रशिक्षित किया जाएगा कि वह नियमित विद्यालय के बच्चों को यातायात नियम से जुड़ी जानकारी दे सकें जिससे हादसों को रोका जा सके। इसके पीछे शासन की मंशा है कि हादसों का शिकार सबसे अधिक युवा वर्ग होता है। इसमें छात्रों की संख्या अधिक होती है। अगर उन्हें नियमित यातायात नियम की जानकारी दी जाएगी तो काफी हद तक हादसों में कमी आएगी। शासन की ओर से निर्देश मिलने के बाद प्रशिक्षण के लिए विभागीय तैयारी पूरी कर ली गई है।
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डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को मिलेगी जानकारी
इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम चलेगा तो डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को सीधे जानकारी मिल सके। कारण जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के 201 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा सीबीएसई के विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें डेढ़ लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। ऐसे में इन्हें सीधे तौर पर नियमित जानकारी मिलेगी। यह बच्चे परिवार और अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे।
इन नियमों के बारे में दिया जाएगा प्रशिक्षण
शिक्षकों को सड़क चलने में कौन- कौन सी सावधानी बरतनी है इसके बारे में बताया जाएगा। इसमें बिना हेलमेट के वाहन नहीं चलाने, अपने ही लेन में चलने, तेज गति में वाहन नहीं चलाने, मुड़ते समय डीपर का प्रयोग करने, चार पहिया वाहन चलाते सयम सीटबेल्ट का प्रयोग करने सहित अन्य जानकारी दी जाएगी। जिसे प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों को बताएंगे।
आज जयकिसान इंटर कॉलेज में दिया जाएगा प्रशिक्षण
जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि सड़क सुरक्षा के बारे में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। शुक्रवार यानी 15 जनवरी को जयकिसान इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित विद्यालय और सीबीएसई के विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण में बुलाया गया है। वह प्रशिक्षण प्राप्त करके बच्चों को जानकारी देंगे।