फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   student read up history

विश्वविद्यालय के विद्यार्थी पढ़ेंगे उप्र का इतिहास

Sun, 14 Aug 2022 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2022 11:21 PM IST
विज्ञापन
student read up history
विश्वविद्यालय के विद्यार्थी पढ़ेंगे उप्र का इतिहास
विज्ञापन

- सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बनाई गई पाठ्यक्रम में संशोधन की योजना
- नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत रोजगार एवं शोधपरक बनाई जा रही है शिक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं को उत्तर प्रदेश का इतिहास पढ़ाया जाएगा। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत पाठ्यक्रम में संशोधन की योजना बनाई गई है। संभावना है कि अगले सत्र तक इतिहास विषय के पाठ्यक्रम में संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत इतिहास के पाठ्यक्रम को ज्ञानार्जन के साथ शोध की दृष्टि से उपयोगी बनाया गया है, जबकि पाठ्यक्रम में संशोधन का कार्य जारी है। योजना है कि जिस प्रकार अनेक विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं राजस्थान एवं मराठा का इतिहास पढ़ते हैं, उसी प्रकार सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश का इतिहास भी शामिल किया जाए।
विज्ञापन

इतिहासकारों के अनुसार उत्तर प्रदेश के प्रमुख घटनाक्रम महत्वपूर्ण हैं। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में बिहार और दिल्ली के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के जिलो में ही सर्वाधिक आंदोलन हुए हैं। विद्यार्थी स्थानीय इतिहास को पढ़ेंगे तो वह उनके लिए ज्यादा रुचिकर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

शोध की तैयार होगी पृष्ठभूमि
स्नातकोत्तर में इतिहास के पाठ्यक्रम को शिक्षा एवं रोजगार परक बनाया गया है। इसमें चारों सेमेस्टर में प्रोजेक्ट वर्क के रूप में एक-एक पेपर शोध को शामिल किया गया है ताकि भविष्य में विद्यार्थी शोध करें तो उन्हें शोध का अनुभव भी रहे। नए पाठ्यक्रम में भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास को भी शामिल किया गया है। भारतीय दृष्टि से इतिहास के जो पहलू छूटे हुए हैं, उन्हें शामिल किया गया है। यह पाठ्यक्रम शोध की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत इतिहास के स्नातकोत्तर का नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। यह पाठ्यक्रम रोजगार और शोध परक है। इस पाठ्यक्रम में उत्तर प्रदेश का इतिहास भी शामिल करने के लिए कार्य जारी है। संभावना है कि अगले सत्र तक यह कार्य पूर्ण हो जाएगा।
- प्रो. एसएन चौबे, विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed