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Siddharthnagar News: भगवान श्रीराम ने खाए शबरी के जूठे बेर
Fri, 17 Nov 2023 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 17 Nov 2023 11:36 PM IST
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फोटो- है
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संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के सहिजवार गांव में आयोजित रामलीला मंचन में बृहस्पतिवार की रात भगवान श्रीराम द्वारा शबरी के जूठे बेर खाने की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला मंचन में दिखाया गया कि भगवान रामचंद्र और लक्ष्मण जी सीताजी की खोज में जंगलों में इधर-उधर घूम रहे हैं। रास्ते में अपनी कुटिया में भगवान रामचंद्र जी की लगातार प्रतीक्षा कर रही उनकी भक्त शबरी मिलती है। शबरी रामचंद्र जी को अपने सम्मुख देखकर बेहद प्रसन्न होती है। उन्हें अपने जूठे बेर खिलाती है।
रामचंद्रजी शबरी को अपना सारा वृतांत बताते हैं और उनसे कोई सुलभ उपाय पूछते हैं। उसके बाद हनुमान जी उन्हें अपने महाराजा सुग्रीव के बारे में बताते हैं और उन्हें अपने कंधे पर बिठाकर अपने महाराजा सुग्रीव के पास ले जाते हैं।
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सुग्रीव अपने साथ हो रहे अत्याचार के बारे में बताते हैं कि उनके भाई बाली ने उनकी पत्नी को जबरदस्ती अपने कब्जे में रख रखा है। श्रीराम के कहने पर सुग्रीव बाली से युद्ध करते हैं।
इस दौरान रामप्रताप चौधरी, राम पाल यादव, प्रदीप कुमार चौधरी, सुखराम, रामजीत, राजू भारती, उत्तम प्रसाद, धनई, राजकपूर, चिनकू चौधरी आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के सहिजवार गांव में आयोजित रामलीला मंचन में बृहस्पतिवार की रात भगवान श्रीराम द्वारा शबरी के जूठे बेर खाने की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला मंचन में दिखाया गया कि भगवान रामचंद्र और लक्ष्मण जी सीताजी की खोज में जंगलों में इधर-उधर घूम रहे हैं। रास्ते में अपनी कुटिया में भगवान रामचंद्र जी की लगातार प्रतीक्षा कर रही उनकी भक्त शबरी मिलती है। शबरी रामचंद्र जी को अपने सम्मुख देखकर बेहद प्रसन्न होती है। उन्हें अपने जूठे बेर खिलाती है।
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रामचंद्रजी शबरी को अपना सारा वृतांत बताते हैं और उनसे कोई सुलभ उपाय पूछते हैं। उसके बाद हनुमान जी उन्हें अपने महाराजा सुग्रीव के बारे में बताते हैं और उन्हें अपने कंधे पर बिठाकर अपने महाराजा सुग्रीव के पास ले जाते हैं।
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सुग्रीव अपने साथ हो रहे अत्याचार के बारे में बताते हैं कि उनके भाई बाली ने उनकी पत्नी को जबरदस्ती अपने कब्जे में रख रखा है। श्रीराम के कहने पर सुग्रीव बाली से युद्ध करते हैं।
इस दौरान रामप्रताप चौधरी, राम पाल यादव, प्रदीप कुमार चौधरी, सुखराम, रामजीत, राजू भारती, उत्तम प्रसाद, धनई, राजकपूर, चिनकू चौधरी आदि मौजूद रहे।