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सीमावर्ती क्षेत्र में तेजी हुई यूरिया की तस्करी
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के बंचौरा बॉर्डर से यूरिया की बोरियां नेपाल ले जाता तस्कर।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सीमावर्ती क्षेत्र में तेजी हुई यूरिया की तस्करी
शोहरतगढ़। बारिश के बाद धान की फसल में छिड़काव के लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है। दूसरी ओर, यूरिया की तस्करी बढ़ गई है। नेपाल से सटे भारतीय क्षेत्र में यूरिया के लिए किसान दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल पा रही है।
नेपाल में बड़े पैमाने पर खाद की तस्करी होने से क्षेत्र के किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, भारतीय बाजार में भी खाद की कालाबाजारी शुरू हो गई है। भारतीय क्षेत्र में भंडारित खाद को तस्कर बाइक और साइकिल से बंचौरा, लोहटी, कोटिया, धनौरा मुस्तकहम, बजहा आदि रास्तों से सीमा पार भेज देते हैं। वहां इसकी कीमत आठ सौ से एक हजार रुपये तक मिल जाती है। वहीं, भारत में यूरिया की सरकारी कीमत 266 रुपये है, लेकिन यह कालाबाजारी के कारण 350 से 400 रुपये तक बिक रही है।
खाद तस्करी रोकने के लिए शासन ने नेपाल सीमा से समीप क्षेत्रों में खाद के लाइसेंस पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन, गनेशपुर, चिल्हिया, पल्टादेवी, भदाव चौराहा, चोडार चौराहा सहित आसपास खाद की दुकानें खुल गई हैं। इस संबंध में एसडीएम शोहरतगढ़ उत्कर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश में खाद की तस्करी की शिकायत मिल रही है। कृषि विभाग को कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया था। पुलिस व एसएसबी को तस्करी रोकने के लिए निर्देशित किया गया है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि टीम बनाकर बार्डर क्षेत्रों में खाद की दुकानों की जांच की जा रही है। खाद की कालाबाजारी में जो दुकानदार संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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शोहरतगढ़। बारिश के बाद धान की फसल में छिड़काव के लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है। दूसरी ओर, यूरिया की तस्करी बढ़ गई है। नेपाल से सटे भारतीय क्षेत्र में यूरिया के लिए किसान दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल पा रही है।
नेपाल में बड़े पैमाने पर खाद की तस्करी होने से क्षेत्र के किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, भारतीय बाजार में भी खाद की कालाबाजारी शुरू हो गई है। भारतीय क्षेत्र में भंडारित खाद को तस्कर बाइक और साइकिल से बंचौरा, लोहटी, कोटिया, धनौरा मुस्तकहम, बजहा आदि रास्तों से सीमा पार भेज देते हैं। वहां इसकी कीमत आठ सौ से एक हजार रुपये तक मिल जाती है। वहीं, भारत में यूरिया की सरकारी कीमत 266 रुपये है, लेकिन यह कालाबाजारी के कारण 350 से 400 रुपये तक बिक रही है।
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खाद तस्करी रोकने के लिए शासन ने नेपाल सीमा से समीप क्षेत्रों में खाद के लाइसेंस पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन, गनेशपुर, चिल्हिया, पल्टादेवी, भदाव चौराहा, चोडार चौराहा सहित आसपास खाद की दुकानें खुल गई हैं। इस संबंध में एसडीएम शोहरतगढ़ उत्कर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश में खाद की तस्करी की शिकायत मिल रही है। कृषि विभाग को कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया था। पुलिस व एसएसबी को तस्करी रोकने के लिए निर्देशित किया गया है। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि टीम बनाकर बार्डर क्षेत्रों में खाद की दुकानों की जांच की जा रही है। खाद की कालाबाजारी में जो दुकानदार संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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