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जच्चा-बच्चा की बेहतर देखरेख को हर ब्लॉक में स्किल लैब
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जच्चा-बच्चा की देखरेख को स्किल लैब बनेगा
प्रसव के बाद नवजात शिशु संरक्षण की पहल
संतोष श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। जच्चा-बच्चा की बेहतर देखरेख के लिए जिल के हर ब्लॉक में स्किल लैब की स्थापना की जाएगी। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रसव पूर्व से शुरू कर प्रसव के बाद नवजात शिशु संरक्षण तक विशेष प्रशिक्षण की पहल शासन स्तर पर हो रही है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित करने के लिए आशा कार्यकर्ता और एएनएम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। इसमें प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की जान बचाना तथा सुरक्षित प्रसव के बाद नवजात शिशु का सही विकास सुनिश्चित करने के लिए एएनएम और नर्सों को विशेष प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया है। इसके तहत जिले के 14 ब्लॉक भी शामिल हैं। स्किल लैब में नर्सिंग स्टॉफ के साथ एएनएम को जच्चा-बच्चा की सुरक्षा का पाठ बढ़ाया जाएगा। इन मिनी स्किल लैब में एएनएम और नर्सिंग स्टॉफ को तमाम वैकल्पिक तरीकों से सुरक्षित प्रसव के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईवी विश्वकर्मा ने बताया कि शासन का पत्र मिला है। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में कार्ययोजना बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इन बिंदुओं पर होगा प्रशिक्षण
प्रसव तिथि का आकलन, रक्तचाप और वजन लेना, गर्भस्थ शिशु के दिल की आवाज सुनना, हीमोग्लोबिन, यूरिन, मलेरिया, ब्लड-सुगर और अन्य जांचें प्रसव काल लेबर रूम की तैयारियां, ग्लूकोज और खून चढ़ाने, कैथेटर लगाने और शॉक लगने से बचाव के तरीके नवजात शिशु सामान्य शिशु के लिए जरूरी उपचार, तापमान लेना, स्तनपान प्रोत्साहन, सेक्शन मशीन का प्रयोग, ऑक्सीजन प्रबंधन जैसे शामिल हैं।
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प्रसव के बाद नवजात शिशु संरक्षण की पहल
संतोष श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। जच्चा-बच्चा की बेहतर देखरेख के लिए जिल के हर ब्लॉक में स्किल लैब की स्थापना की जाएगी। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रसव पूर्व से शुरू कर प्रसव के बाद नवजात शिशु संरक्षण तक विशेष प्रशिक्षण की पहल शासन स्तर पर हो रही है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित करने के लिए आशा कार्यकर्ता और एएनएम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। इसमें प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की जान बचाना तथा सुरक्षित प्रसव के बाद नवजात शिशु का सही विकास सुनिश्चित करने के लिए एएनएम और नर्सों को विशेष प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया है। इसके तहत जिले के 14 ब्लॉक भी शामिल हैं। स्किल लैब में नर्सिंग स्टॉफ के साथ एएनएम को जच्चा-बच्चा की सुरक्षा का पाठ बढ़ाया जाएगा। इन मिनी स्किल लैब में एएनएम और नर्सिंग स्टॉफ को तमाम वैकल्पिक तरीकों से सुरक्षित प्रसव के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईवी विश्वकर्मा ने बताया कि शासन का पत्र मिला है। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में कार्ययोजना बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इन बिंदुओं पर होगा प्रशिक्षण
प्रसव तिथि का आकलन, रक्तचाप और वजन लेना, गर्भस्थ शिशु के दिल की आवाज सुनना, हीमोग्लोबिन, यूरिन, मलेरिया, ब्लड-सुगर और अन्य जांचें प्रसव काल लेबर रूम की तैयारियां, ग्लूकोज और खून चढ़ाने, कैथेटर लगाने और शॉक लगने से बचाव के तरीके नवजात शिशु सामान्य शिशु के लिए जरूरी उपचार, तापमान लेना, स्तनपान प्रोत्साहन, सेक्शन मशीन का प्रयोग, ऑक्सीजन प्रबंधन जैसे शामिल हैं।
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