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Siddharthnagar News: शुभ मुहूर्त में बहनों ने बांधी राखी..भाइयों से लिया रक्षा का वचन
Mon, 19 Aug 2024 11:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 19 Aug 2024 11:51 PM IST
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शहर से लेकर गांव तक धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, राखी और मिठाई की दुकानों पर रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को शहर से लेकर देहात तक धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी उन्हें उपहार के साथ उनकी रक्षा का वचन दिया। कहीं बहनों ने मायके जाकर भाइयों को राखी बांधी, तो कहीं भाइयों ने बहनों के घर जाकर राखी बंधवाई।
रक्षाबंधन पर्व के मौके पर घर से बाजार तक रौनक रही। राखी बांधने के बाद भाई-बहनों ने सोशल मीडिया में पोस्ट करके भी खुशियों का इजहार किया। सोमवार को पूर्णिमा तिथि पर भद्रा होने से दोपहर 1:25 बजे से शुभ मुहूर्त होने पर बहनों ने भाइयों के कलाई पर राखी बांधी।
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छुट्टी होने के कारण पहले ही बहनों ने कर ली थी यात्रा
सिद्धार्थनगर। रविवार का अवकाश होने से अधिकतर बहनों ने शनिवार को ही भाईयों के घर राखी बांधने पहुंच गई, जिससे सोमवार को रोडवेज पर भी कोई खास भीड़ नहीं रही, जबकि पिछले वर्ष बहनों को बस में खड़ा होकर यात्रा करना पड़ा था। रोडवेज के एआरएम वीके गंगवार ने बताया कि रक्षाबंधन त्योहार पर महिला यात्रियों के लिए व्यवस्था की गई थी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष यात्री कम आए थे। संवाद
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रक्षाबंधन और मिठाई की दुकानों में रही अधिक भीड़
सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन के दिन सुबह में भद्रा काल होने से सोमवार को भी मिठाई और राखी के दुकान पर भीड़ रही। जिससे दोपहर तक दुकान पर खरीदने वालों का लंबा लाइन लगा रहा। रविवार को बाजार बंद होने से सबसे अधिक भीड़ सोने व चांदी वाली राखियों के दुकान पर रहा। बहने दोपहर तक खूब खरीदारी की। उसके बाद मुहूर्त शुरु होते ही राखी बांधने का कार्यक्रम शुरु हो गया। संवाद
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बहनों ने बांधी राखी, भाइयों ने लिया रक्षा का संकल्प
डुमरियागंज। भाई बहन के अटूट प्यार और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को तहसील मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। भाई बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाले गीत...भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना, बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है तथा मेरे भैया मेरे अनमोल रतन जैसे गीत वातावरण में गूंजते रहे।
बिस्कोहर : नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर के वार्ड नंबर बारह में बहन प्रतिभा ने अपने भाई शुभम, श्याम सुंदर को, चाहत व तेजल ने अपने भाई राज को, वार्ड नंबर पांच में सलोनी ने अपने भाई शिवांश को, वार्ड नंबर दस में प्रिया ने मयंक की कलाई पर राखियां बांधकर जीवन भर रक्षा करने का वचन लिया।
पकड़ी बाजार : पकड़ी, बभनी, जम्हरिया, भटमला,भैसहवा, धनगढिया, बैदौली, नकाही, मेहरौली, संतोरी-संतोरा सहित दर्जनों गांवों में बहने अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा की कामना की।
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भाइयों की कलाई न रह जाए सुनी वर्षों से जेल में राखी बांधने आती हैं बहने
सिद्धार्थनगर। जिला जेल कारागार में कैदियों को राखी बांधने के लिए उनकी बहने सुबह से ही लंबी कतार में खड़ी हो गई, जिससे पूरे दिन जेल में चहलपहल बनी रही। महिलाओं ने बताया कि भाइयों की कलाई सूनी न रह जाए इसके लिए राखी बांधती हैं। बताया कि भाई को राखी बांध कर अपनी सुरक्षा का वचन भी लेती हैं। जेल कारागार में बंद दो कैदियों की बहन अपने भाई को राखी बांधने के लिए पिछले चार वर्षों से आ रही हैं।
बोली महिलाएं
पिछले तीन वर्ष से भाई जेल में बंद हैं। हर वर्ष सभी बहने जेल में राखी बांधने के लिए आती हैं। इस बार भी सभी बहन भाई को राखी बांधने के लिए जेल में आई हैं।
-मीना, बेलवा
चार वर्ष से भाई को जेल में आने के बाद कभी बड़ी बहन तो वह बांधने आती हैं। इस वर्ष भी भाई को राखी बांधने के लिए आई हूं। भाई की कलाई में राखी बांधना है तो जेल गेट पर प्रवेश के लिए इंतजार कर रही हूं।
-विजय लक्ष्मी, कटहना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को शहर से लेकर देहात तक धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी उन्हें उपहार के साथ उनकी रक्षा का वचन दिया। कहीं बहनों ने मायके जाकर भाइयों को राखी बांधी, तो कहीं भाइयों ने बहनों के घर जाकर राखी बंधवाई।
रक्षाबंधन पर्व के मौके पर घर से बाजार तक रौनक रही। राखी बांधने के बाद भाई-बहनों ने सोशल मीडिया में पोस्ट करके भी खुशियों का इजहार किया। सोमवार को पूर्णिमा तिथि पर भद्रा होने से दोपहर 1:25 बजे से शुभ मुहूर्त होने पर बहनों ने भाइयों के कलाई पर राखी बांधी।
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छुट्टी होने के कारण पहले ही बहनों ने कर ली थी यात्रा
सिद्धार्थनगर। रविवार का अवकाश होने से अधिकतर बहनों ने शनिवार को ही भाईयों के घर राखी बांधने पहुंच गई, जिससे सोमवार को रोडवेज पर भी कोई खास भीड़ नहीं रही, जबकि पिछले वर्ष बहनों को बस में खड़ा होकर यात्रा करना पड़ा था। रोडवेज के एआरएम वीके गंगवार ने बताया कि रक्षाबंधन त्योहार पर महिला यात्रियों के लिए व्यवस्था की गई थी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष यात्री कम आए थे। संवाद
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रक्षाबंधन और मिठाई की दुकानों में रही अधिक भीड़
सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन के दिन सुबह में भद्रा काल होने से सोमवार को भी मिठाई और राखी के दुकान पर भीड़ रही। जिससे दोपहर तक दुकान पर खरीदने वालों का लंबा लाइन लगा रहा। रविवार को बाजार बंद होने से सबसे अधिक भीड़ सोने व चांदी वाली राखियों के दुकान पर रहा। बहने दोपहर तक खूब खरीदारी की। उसके बाद मुहूर्त शुरु होते ही राखी बांधने का कार्यक्रम शुरु हो गया। संवाद
बहनों ने बांधी राखी, भाइयों ने लिया रक्षा का संकल्प
डुमरियागंज। भाई बहन के अटूट प्यार और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को तहसील मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। भाई बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाले गीत...भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना, बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है तथा मेरे भैया मेरे अनमोल रतन जैसे गीत वातावरण में गूंजते रहे।
बिस्कोहर : नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर के वार्ड नंबर बारह में बहन प्रतिभा ने अपने भाई शुभम, श्याम सुंदर को, चाहत व तेजल ने अपने भाई राज को, वार्ड नंबर पांच में सलोनी ने अपने भाई शिवांश को, वार्ड नंबर दस में प्रिया ने मयंक की कलाई पर राखियां बांधकर जीवन भर रक्षा करने का वचन लिया।
पकड़ी बाजार : पकड़ी, बभनी, जम्हरिया, भटमला,भैसहवा, धनगढिया, बैदौली, नकाही, मेहरौली, संतोरी-संतोरा सहित दर्जनों गांवों में बहने अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा की कामना की।
भाइयों की कलाई न रह जाए सुनी वर्षों से जेल में राखी बांधने आती हैं बहने
सिद्धार्थनगर। जिला जेल कारागार में कैदियों को राखी बांधने के लिए उनकी बहने सुबह से ही लंबी कतार में खड़ी हो गई, जिससे पूरे दिन जेल में चहलपहल बनी रही। महिलाओं ने बताया कि भाइयों की कलाई सूनी न रह जाए इसके लिए राखी बांधती हैं। बताया कि भाई को राखी बांध कर अपनी सुरक्षा का वचन भी लेती हैं। जेल कारागार में बंद दो कैदियों की बहन अपने भाई को राखी बांधने के लिए पिछले चार वर्षों से आ रही हैं।
बोली महिलाएं
पिछले तीन वर्ष से भाई जेल में बंद हैं। हर वर्ष सभी बहने जेल में राखी बांधने के लिए आती हैं। इस बार भी सभी बहन भाई को राखी बांधने के लिए जेल में आई हैं।
-मीना, बेलवा
चार वर्ष से भाई को जेल में आने के बाद कभी बड़ी बहन तो वह बांधने आती हैं। इस वर्ष भी भाई को राखी बांधने के लिए आई हूं। भाई की कलाई में राखी बांधना है तो जेल गेट पर प्रवेश के लिए इंतजार कर रही हूं।
-विजय लक्ष्मी, कटहना