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Siddharthnagar News: रेफर की मजबूरी से मिलेगी राहत, बढ़ेगी मिनी जिला अस्पताल की क्षमता
Mon, 02 Feb 2026 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:23 AM IST
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- बेड फुल होने और सुविधाओं के अभाव में मरीजों की जान जाने की रहती है आशंका
सिद्धार्थनगर। शहर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बाद बांसी कस्बे में 50 बेड का मिनी जिला अस्पताल बनाया गया। भवन के बावजूद आवश्यक सुविधाओं के अभाव में मरीजों को अब भी मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। ऐसे में आम बजट में आधुनिक सुविधाएं देने की घोषणा से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
प्रस्तावित योजना के तहत बांसी स्थित मिनी जिला अस्पताल को ही बजट से मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इससे यहां हाईटेक इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वर्तमान में अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं सीमित हैं, जिसके कारण गंभीर और क्रिटिकल मरीजों को तत्काल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीजों की जान जाने की भी नौबत आई है, लेकिन इस बजट से मरीज को रेफर नहीं होना पड़ेगा।
बांसी जिले का केंद्र बिंदु होने के कारण यहां सुविधाएं बढ़ने से इटवा, डुमरियागंज और शोहरतगढ़ तहसील के लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। मिनी जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक ओपीडी मरीज और 15 से 20 इमरजेंसी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सीमित बेड और ट्रॉमा सुविधा न होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना मजबूरी बन जाती है। इससे परिजनों पर इलाज के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।
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बोले लोग
मिनी जिला अस्पताल में सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता है। यदि सुविधाएं बढ़ती हैं तो मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और इलाज भी बेहतर मिलेगा।
- अमय पांडेय, समाजसेवी
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मिनी जिला अस्पताल बनने से लोगों को उम्मीद जगी थी, लेकिन सुविधाएं न होने से निराशा बढ़ी। इस आम बजट से मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
सौरभ, डडवाघाट
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सिद्धार्थनगर। शहर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के बाद बांसी कस्बे में 50 बेड का मिनी जिला अस्पताल बनाया गया। भवन के बावजूद आवश्यक सुविधाओं के अभाव में मरीजों को अब भी मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। ऐसे में आम बजट में आधुनिक सुविधाएं देने की घोषणा से मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
प्रस्तावित योजना के तहत बांसी स्थित मिनी जिला अस्पताल को ही बजट से मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इससे यहां हाईटेक इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वर्तमान में अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं सीमित हैं, जिसके कारण गंभीर और क्रिटिकल मरीजों को तत्काल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीजों की जान जाने की भी नौबत आई है, लेकिन इस बजट से मरीज को रेफर नहीं होना पड़ेगा।
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बांसी जिले का केंद्र बिंदु होने के कारण यहां सुविधाएं बढ़ने से इटवा, डुमरियागंज और शोहरतगढ़ तहसील के लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। मिनी जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक ओपीडी मरीज और 15 से 20 इमरजेंसी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सीमित बेड और ट्रॉमा सुविधा न होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना मजबूरी बन जाती है। इससे परिजनों पर इलाज के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है।
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मिनी जिला अस्पताल में सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता है। यदि सुविधाएं बढ़ती हैं तो मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और इलाज भी बेहतर मिलेगा।
- अमय पांडेय, समाजसेवी
मिनी जिला अस्पताल बनने से लोगों को उम्मीद जगी थी, लेकिन सुविधाएं न होने से निराशा बढ़ी। इस आम बजट से मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
सौरभ, डडवाघाट