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Siddharthnagar News: पात्र लगा रहे दौड़...नाबालिग पा रहे सम्मान निधि
Fri, 05 Dec 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 05 Dec 2025 11:57 PM IST
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सिद्धार्थनगर। पीएम किसान सम्मान निधि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। सत्यापन के नाम पर चली धांधली और लापरवाही ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय जांच में 108 नाबालिग, दोहरी मालिकाना हक वाले चार हजार किसानों के साथ ही दस्तावेजों के फेरबदल में फंसे 7000 किसान अपात्र की श्रेणी में पाए गए हैं।
अपात्र होते हुए भी लाभ लेने वालों से अब रिकवरी की कार्रवाई शुरू की गई है। यह हाल तब है जब गांव स्तर पर तीन सदस्यीय टीम दो बार सत्यापन कर चुकी है।
दोबारा हुई जांच में सामने आया है कि नाबालिग सम्मान निधि लाभ लेते रहे। विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो सत्यापन में अपात्र, मृतक एक परिवार के दो-दो लोगों का नाम काटने के साथ नए लोगों का नाम जोड़ा जाना था।
इसके लिए तीन सदस्यीय लेखपाल, सचिव और कृषि विभाग के कर्मी की टीम लगाई गई थी। अगर सही तरह से सत्यापन किया गया होता तो अवैध तरीके से नाम शामिल कराने वाले शातिर नहीं बचते। मगर ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि बिना मौके पर गए करीबी से पूछकर किसानों का सत्यापन कर दिया गया।
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वहीं, विभागीय जांच में आयकर दाता और अन्य पात्रता को पूरा न कर पाने वाले 4525 किसानों 78.88 लाख रुपये रिकवरी करते हुए भारत सरकार के खाते में कृषि विभाग की ओर से जमा कराया गया है। जैसे-जैसे संदिग्ध पकड़ में आ रहे हैं। रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
सत्यापन की पोल खोलती जांच रिपोर्ट: जिले में पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे 3.15 लाख किसानों का जब विभागीय टीम ने सत्यापन शुरू किया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसमें 108 नाबालिग ऐसे पाए गए, जिनके नाम पर वर्षों से सम्मान निधि जारी हो रही थी जबकि नियमानुसार वह नाबालिग किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं। वहीं, दूसरी सबसे बड़ी गड़बड़ी यह सामने आई कि एक ही खतौनी पर दो लोग सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। इसमें दंपती और अन्य इस प्रकार के भी लोग शामिल हैं। नियमानुसार, एक ही परिवार में पति-पत्नी दोनों को निधि का लाभ नहीं मिल सकता है। ऐसे एक-दो नहीं बल्कि 4036 किसान हैं, जो जांच के दायरे में आए हैं। वहीं 2102 ऐसे किसान हैं, जिनमें कुछ की जमीन बिकने के बाद उसी गाटे पर सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा सात हजार किसान और संदिग्ध की श्रेणी में हैं। इसमें मृत प्रमाण पत्र सहित कई खामियां हैं।
मामला सामने आने के बाद अब कृषि विभाग की ओर से इनका दोबारा सत्यापन करवाया जाएगा। इसके बाद नाबालिग सहित अन्य अपात्र की श्रेणी वालों को नोटिस जारी करके रिकवरी करवाई जाएगी। इसमें एक करोड़ रुपये से अधिक धनराशि लापरवाही के कारण भुगतान होने का अनुमान है। इसके साथ ही किसके स्तर से गड़बड़ी हुई है, जांच में सामने आने पर उनको भी नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा सकती है।
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अपात्र होते हुए भी लाभ लेने वालों से अब रिकवरी की कार्रवाई शुरू की गई है। यह हाल तब है जब गांव स्तर पर तीन सदस्यीय टीम दो बार सत्यापन कर चुकी है।
दोबारा हुई जांच में सामने आया है कि नाबालिग सम्मान निधि लाभ लेते रहे। विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो सत्यापन में अपात्र, मृतक एक परिवार के दो-दो लोगों का नाम काटने के साथ नए लोगों का नाम जोड़ा जाना था।
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इसके लिए तीन सदस्यीय लेखपाल, सचिव और कृषि विभाग के कर्मी की टीम लगाई गई थी। अगर सही तरह से सत्यापन किया गया होता तो अवैध तरीके से नाम शामिल कराने वाले शातिर नहीं बचते। मगर ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि बिना मौके पर गए करीबी से पूछकर किसानों का सत्यापन कर दिया गया।
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वहीं, विभागीय जांच में आयकर दाता और अन्य पात्रता को पूरा न कर पाने वाले 4525 किसानों 78.88 लाख रुपये रिकवरी करते हुए भारत सरकार के खाते में कृषि विभाग की ओर से जमा कराया गया है। जैसे-जैसे संदिग्ध पकड़ में आ रहे हैं। रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
सत्यापन की पोल खोलती जांच रिपोर्ट: जिले में पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे 3.15 लाख किसानों का जब विभागीय टीम ने सत्यापन शुरू किया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसमें 108 नाबालिग ऐसे पाए गए, जिनके नाम पर वर्षों से सम्मान निधि जारी हो रही थी जबकि नियमानुसार वह नाबालिग किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं। वहीं, दूसरी सबसे बड़ी गड़बड़ी यह सामने आई कि एक ही खतौनी पर दो लोग सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। इसमें दंपती और अन्य इस प्रकार के भी लोग शामिल हैं। नियमानुसार, एक ही परिवार में पति-पत्नी दोनों को निधि का लाभ नहीं मिल सकता है। ऐसे एक-दो नहीं बल्कि 4036 किसान हैं, जो जांच के दायरे में आए हैं। वहीं 2102 ऐसे किसान हैं, जिनमें कुछ की जमीन बिकने के बाद उसी गाटे पर सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा सात हजार किसान और संदिग्ध की श्रेणी में हैं। इसमें मृत प्रमाण पत्र सहित कई खामियां हैं।
मामला सामने आने के बाद अब कृषि विभाग की ओर से इनका दोबारा सत्यापन करवाया जाएगा। इसके बाद नाबालिग सहित अन्य अपात्र की श्रेणी वालों को नोटिस जारी करके रिकवरी करवाई जाएगी। इसमें एक करोड़ रुपये से अधिक धनराशि लापरवाही के कारण भुगतान होने का अनुमान है। इसके साथ ही किसके स्तर से गड़बड़ी हुई है, जांच में सामने आने पर उनको भी नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा सकती है।