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Siddharthnagar News: सचिवों की हड़ताल से आठ सहकारी समितियों पर लटके ताले

Mon, 26 Oct 2026 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 26 Oct 2026 11:29 PM IST
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Siddharthnagar News: Eight cooperative societies locked due to strike by secretaries
जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के जम्हिरिया गांव में बंद पडी साधन सहकारी समिति। संवाद
- बोआई के सीजन में खाद के लिए भटक रहे किसान, निजी दुकानों से महंगे दाम पर खरीदने की मजबूरी
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तुलसियापुर। नियमित वेतन की मांग को लेकर साधन सहकारी समितियों के सचिवों का आंदोलन किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। लखनऊ में सचिवों के धरने के चलते बढ़नी ब्लॉक की आठ साधन सहकारी समितियों का संचालन ठप है।
गेहूं और सरसों की बोआई के लिए डीएपी खाद की जरूरत के बीच समितियां बंद होने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
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बढ़नी ब्लॉक में औदही कलां, परसा स्टेशन, पकड़िहवा, ढेबरुआ, बोहली, बैरिहवा, बसहिया और धनौरा मुस्तकहम में साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। सचिवों के आंदोलन में शामिल होने के कारण इन सभी समितियों पर ताले लटके हैं। किसान सुबह से खाद मिलने की उम्मीद में समितियों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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किसान मो. फैजान, रहमान खान, सुभाष तिवारी और कन्हैया लाल ने बताया कि वे सुबह डीएपी खाद लेने समिति पहुंचे थे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी ताला नहीं खुला। बाद में पता चला कि सचिव अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में धरना दे रहे हैं।
सलाउद्दीन, लक्ष्मीकांत तिवारी, हरिनारायण मिश्र और विजय यादव ने बताया कि सरसों की बोआई का समय है। खेत तैयार करने के लिए डीएपी खाद की जरूरत है लेकिन समितियां बंद होने से खाद नहीं मिल पा रही है। आंदोलन कब समाप्त होगा और समितियां कब खुलेंगी, इसकी भी जानकारी नहीं है।
रामदेव गुप्ता, अब्दुल सलाम, रघुनाथ गिरी, असलम और चंद्रभान गुप्ता ने बताया कि समितियों के बंद होने से खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों को मजबूरी में निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है। शिवपूजन विश्वकर्मा, रामनिरंजन और मोहम्मद हारुन ने प्रशासन से समितियों का संचालन बहाल कराने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस संबंध में साधन समिति सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि नियमित वेतन समेत लंबित मांगों को लेकर सचिव 22 अक्तूबर से लखनऊ में धरना दे रहे हैं। मांगों के समाधान के लिए आवाज उठाई जा रही है। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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