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Siddharthnagar News: शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा पंडाल
Wed, 14 Oct 2026 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:09 AM IST
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शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु, निकाली गई झांकी
फोटो- बिजौरा बाजार में संगीतमयी श्रीराम कथा के दौरान निकाली गई शिव-पार्वती की मनमोहक झांकी
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के बिजौरा बाजार में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा में सोमवार की रात भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक संत बलराम दास के मुखारविंद से कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान शिव-पार्वती की आकर्षक झांकी निकाली गई। झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक संत बलराम दास ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाते हुए बताया कि पर्वतराज हिमालय की तपस्या से प्रसन्न होकर माता जगदंबा ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती ने हिमालय के घर जन्म लिया। उनके बड़े होने पर पर्वतराज को विवाह की चिंता सताने लगी। माता पार्वती बचपन से ही भगवान शिव की अनन्य भक्त थीं।
कथा के अनुसार, एक दिन महर्षि नारद पर्वतराज हिमालय के घर पहुंचे और उन्होंने माता पार्वती का विवाह भगवान शिव से होने की बात बताई। इसके बाद भगवान शिव नंदी पर सवार होकर भूत-पिशाचों के साथ विचित्र बरात लेकर पहुंचे। शिव की अनोखी बरात देखकर पर्वतराज और उनके परिजन आश्चर्यचकित रह गए। वहीं, माता पार्वती ने प्रसन्नतापूर्वक भगवान शिव को पति के रूप में स्वीकार किया।
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विवाह प्रसंग के दौरान निकाली गई शिव-पार्वती की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों से कथा स्थल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु देर रात तक कथा का रसपान करते रहे।
इस मौके पर आयोजक पप्पू अग्रहरि, प्रणवीर अग्रहरि, जगराम प्रजापति, आशीष सोनी, चंदन अग्रहरि सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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राम जन्मोत्सव का मंचन देख भाव विभोर हुए श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा पंडाल
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के गोपिया गांव में चल रहे शारदीय रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार की रात प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव और महर्षि विश्वामित्र के साथ उनके वन गमन की लीला का सजीव मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। इस दौरान रामलीला पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंचन में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या पहुंचने और यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने की मांग का दृश्य दिखाया गया। पुत्रों को वन भेजने के प्रसंग में राजा दशरथ की भावुकता और राम-लक्ष्मण की विदाई देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।
रामलीला के दौरान प्रस्तुत भजनों और धार्मिक संवादों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए और मंचन का आनंद लिया। महोत्सव में आयोजक सुशील पांडेय, मनीष पांडेय, विजय यादव, लवकुश यादव, विष्णु पांडेय, मान बाबू चौरसिया, सहजराम चौरसिया और कल्लू गुप्ता सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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फोटो- बिजौरा बाजार में संगीतमयी श्रीराम कथा के दौरान निकाली गई शिव-पार्वती की मनमोहक झांकी
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के बिजौरा बाजार में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा में सोमवार की रात भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक संत बलराम दास के मुखारविंद से कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान शिव-पार्वती की आकर्षक झांकी निकाली गई। झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक संत बलराम दास ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाते हुए बताया कि पर्वतराज हिमालय की तपस्या से प्रसन्न होकर माता जगदंबा ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लेने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती ने हिमालय के घर जन्म लिया। उनके बड़े होने पर पर्वतराज को विवाह की चिंता सताने लगी। माता पार्वती बचपन से ही भगवान शिव की अनन्य भक्त थीं।
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कथा के अनुसार, एक दिन महर्षि नारद पर्वतराज हिमालय के घर पहुंचे और उन्होंने माता पार्वती का विवाह भगवान शिव से होने की बात बताई। इसके बाद भगवान शिव नंदी पर सवार होकर भूत-पिशाचों के साथ विचित्र बरात लेकर पहुंचे। शिव की अनोखी बरात देखकर पर्वतराज और उनके परिजन आश्चर्यचकित रह गए। वहीं, माता पार्वती ने प्रसन्नतापूर्वक भगवान शिव को पति के रूप में स्वीकार किया।
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विवाह प्रसंग के दौरान निकाली गई शिव-पार्वती की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। भक्ति गीतों और भगवान शिव के जयकारों से कथा स्थल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु देर रात तक कथा का रसपान करते रहे।
इस मौके पर आयोजक पप्पू अग्रहरि, प्रणवीर अग्रहरि, जगराम प्रजापति, आशीष सोनी, चंदन अग्रहरि सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
राम जन्मोत्सव का मंचन देख भाव विभोर हुए श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा पंडाल
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र के गोपिया गांव में चल रहे शारदीय रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार की रात प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव और महर्षि विश्वामित्र के साथ उनके वन गमन की लीला का सजीव मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। इस दौरान रामलीला पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंचन में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या पहुंचने और यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने की मांग का दृश्य दिखाया गया। पुत्रों को वन भेजने के प्रसंग में राजा दशरथ की भावुकता और राम-लक्ष्मण की विदाई देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।
रामलीला के दौरान प्रस्तुत भजनों और धार्मिक संवादों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए और मंचन का आनंद लिया। महोत्सव में आयोजक सुशील पांडेय, मनीष पांडेय, विजय यादव, लवकुश यादव, विष्णु पांडेय, मान बाबू चौरसिया, सहजराम चौरसिया और कल्लू गुप्ता सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।