{"_id":"6adf8e5dacacfc747d0a364c","slug":"siddharthnagar-news-children-arrive-at-school-unaware-of-holiday-return-home-disappointed-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-167129-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: छुट्टी की जानकारी न मिलने से स्कूल पहुंचे बच्चे, बैरंग लौटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: छुट्टी की जानकारी न मिलने से स्कूल पहुंचे बच्चे, बैरंग लौटे
Mon, 26 Oct 2026 11:01 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:01 PM IST
विज्ञापन
इटवा। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सोमवार को अवकाश होने की जानकारी नहीं मिलने से तहसील क्षेत्र के कई विद्यालयों में बच्चे पढ़ने पहुंच गए। विद्यालय पहुंचने पर छुट्टी की जानकारी मिली तो उन्हें बैरंग घर लौटना पड़ा। वहीं, जानकारी के अभाव में कुछ निजी विद्यालय खुले रहे और उनमें रोज की तरह पढ़ाई हुई।
शनिवार को विद्यालयों में छुट्टी होने तक कई बच्चों को सोमवार को अवकाश घोषित होने की जानकारी नहीं मिल सकी थी। सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों ने एक-दूसरे को फोन के माध्यम से छुट्टी की सूचना दे दी थी लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चों तक यह जानकारी नहीं पहुंच पाई। ऐसे में बच्चे सोमवार को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंच गए। वहां पहुंचने पर अवकाश की जानकारी मिलने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
दूसरी ओर, सूचना के अभाव में कुछ निजी विद्यालयों में बच्चे और शिक्षक दोनों पहुंच गए। इसके चलते विद्यालय खुले रहे और कक्षाएं संचालित हुईं। शिक्षक श्याम नंदन शुक्ला ने कहा कि अवकाश की सूचना शनिवार को विद्यालय बंद होने से पहले ही दे दी जानी चाहिए थी, ताकि बच्चों और अभिभावकों को परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को विद्यालयों में छुट्टी होने तक कई बच्चों को सोमवार को अवकाश घोषित होने की जानकारी नहीं मिल सकी थी। सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों ने एक-दूसरे को फोन के माध्यम से छुट्टी की सूचना दे दी थी लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई बच्चों तक यह जानकारी नहीं पहुंच पाई। ऐसे में बच्चे सोमवार को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंच गए। वहां पहुंचने पर अवकाश की जानकारी मिलने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
दूसरी ओर, सूचना के अभाव में कुछ निजी विद्यालयों में बच्चे और शिक्षक दोनों पहुंच गए। इसके चलते विद्यालय खुले रहे और कक्षाएं संचालित हुईं। शिक्षक श्याम नंदन शुक्ला ने कहा कि अवकाश की सूचना शनिवार को विद्यालय बंद होने से पहले ही दे दी जानी चाहिए थी, ताकि बच्चों और अभिभावकों को परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन