{"_id":"69595c30b05160c59d05c182","slug":"siddharthnagar-news-birth-anniversary-of-first-woman-teacher-savitribai-phule-celebrated-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-151020-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई
Sat, 03 Jan 2026 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 03 Jan 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
बढ़नी ब्लॉक के ढेबरुआ चौराहा पर सावित्रीबाई फुले के जयंती पर आयोजित कार्यक्रत में उपस्थित मंचास
तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक के ढेबरुआ चौराहा पर शनिवार को देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती धूमधाम से मनाई गई। सावित्रीबाई फुले, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम आयोजक सावित्रीबाई फूले सामाजिक चेतना मंच ढेबरुआ ने शिक्षा और समाज में बेहतर योगदान पर दर्जनों लोगों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथि अनुराधा भारती ने कहा कि सावित्रीबाई फुले समाज सुधारिका और भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं। शिक्षा की अलख जगाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने नारी सशक्तीकरण को मजबूत बनाने का काम किया। वे समानता, न्याय व करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहीं। शिक्षा का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को अपने अधिकार के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनका उन्होंने काफी संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बेटों के साथ बेटियों की शिक्षा काफी जरूरी है ताकि वे आत्मनिर्भर होकर देश और राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सकें। इस दौरान चेतना मंच के अध्यक्ष शत्रुघ्न, डॉ. मनोज, आशीष संगम, डॉ. रीतू गौतम, सुरेश, भीम प्रकाश, जगदीश, सुभाष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि अनुराधा भारती ने कहा कि सावित्रीबाई फुले समाज सुधारिका और भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं। शिक्षा की अलख जगाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने नारी सशक्तीकरण को मजबूत बनाने का काम किया। वे समानता, न्याय व करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहीं। शिक्षा का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को अपने अधिकार के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनका उन्होंने काफी संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बेटों के साथ बेटियों की शिक्षा काफी जरूरी है ताकि वे आत्मनिर्भर होकर देश और राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सकें। इस दौरान चेतना मंच के अध्यक्ष शत्रुघ्न, डॉ. मनोज, आशीष संगम, डॉ. रीतू गौतम, सुरेश, भीम प्रकाश, जगदीश, सुभाष आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन