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शिक्षामित्रों को आंदोलन से पहले ही चेतावनी दी
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 27 Jan 2016 11:37 PM IST
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शिक्षामित्रों के आंदोलन से पहले ही बीएसए ने उन्हें झटका दे दिया है। आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों को पत्र जारी कर बीएसए ने उनके संगठन की वैधानिकता पर सवाल उठाया है।
पत्र के जरिए उनसे संगठन की मान्यता, पंजीकरण संख्या सहित अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा गया है। हिदायत दी है कि अगर बिना पंजीकृत संस्था के बैनर तले धरना दिया गया तो संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए के इस पत्र के बाद शिक्षामित्र संघ में खलबली मच गई है। संघ ने इसे तर्कहीन करार दिया है तो शिक्षक संघ का एक गुट भी उनके समर्थन में उतर आया है।
संघ के जिला मंत्री श्याम बिहारी चौधरी के निवास प्रमाण पत्र में त्रुटियां मिलने पर बीएसए अजय कुमार सिंह ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
बीएसए की इस कार्रवाई समेत समायोजित शिक्षकों के प्रति रूख को उत्पीड़नात्मक ठहराते हुए आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने 29 जनवरी से बीएसए कार्यालय पर धरने का ऐलान किया है।
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इस बीच बीएसए ने पत्र जारी कर संगठन की वैधता पर सवाल उठा दिया है। पत्र में कहा गया है कि धरने के संबंध में सूचना जिस संगठन के लेटर पैड पर दी गई है, उसमें प्राथमिक शिक्षक संघ से संबद्धता का जिक्र है, जबकि प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने शिक्षामित्रों के किसी भी संगठन को संबद्धता न देने का उल्लेख किया है।
उनकी ओर से बेसिक शिक्षा सचिव को दिए गए पत्र में भी इस संगठन का नाम नहीं है। ऐसे में स्पष्ट है कि शिक्षक संघ से संबद्धता खत्म हो गई है।
अब इसके बाद अगर कोई अन्य पंजीकरण कराया गया है तो आंदोलन से पहले इसकी पत्रावली कार्यालय में प्रस्तुत कर दें। बिना मान्यता प्राप्त संगठन के कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई तो विधिक कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए संबंधित शिक्षामित्र या समायोजित शिक्षक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
उधर, इस संबंध में शिक्षामित्र संघ के जिला मंत्री श्याम बिहारी चौधरी की दलील थी कि संबद्धता से संबंधित दस्तावेज साथ हैं। शिक्षक संघ ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दिया है। अपनी एकजुटता से शिक्षामित्र इसका जवाब देंगे।
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पत्र के जरिए उनसे संगठन की मान्यता, पंजीकरण संख्या सहित अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा गया है। हिदायत दी है कि अगर बिना पंजीकृत संस्था के बैनर तले धरना दिया गया तो संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए के इस पत्र के बाद शिक्षामित्र संघ में खलबली मच गई है। संघ ने इसे तर्कहीन करार दिया है तो शिक्षक संघ का एक गुट भी उनके समर्थन में उतर आया है।
संघ के जिला मंत्री श्याम बिहारी चौधरी के निवास प्रमाण पत्र में त्रुटियां मिलने पर बीएसए अजय कुमार सिंह ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
बीएसए की इस कार्रवाई समेत समायोजित शिक्षकों के प्रति रूख को उत्पीड़नात्मक ठहराते हुए आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने 29 जनवरी से बीएसए कार्यालय पर धरने का ऐलान किया है।
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इस बीच बीएसए ने पत्र जारी कर संगठन की वैधता पर सवाल उठा दिया है। पत्र में कहा गया है कि धरने के संबंध में सूचना जिस संगठन के लेटर पैड पर दी गई है, उसमें प्राथमिक शिक्षक संघ से संबद्धता का जिक्र है, जबकि प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने शिक्षामित्रों के किसी भी संगठन को संबद्धता न देने का उल्लेख किया है।
उनकी ओर से बेसिक शिक्षा सचिव को दिए गए पत्र में भी इस संगठन का नाम नहीं है। ऐसे में स्पष्ट है कि शिक्षक संघ से संबद्धता खत्म हो गई है।
अब इसके बाद अगर कोई अन्य पंजीकरण कराया गया है तो आंदोलन से पहले इसकी पत्रावली कार्यालय में प्रस्तुत कर दें। बिना मान्यता प्राप्त संगठन के कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई तो विधिक कार्रवाई की जाएगी, इसके लिए संबंधित शिक्षामित्र या समायोजित शिक्षक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
उधर, इस संबंध में शिक्षामित्र संघ के जिला मंत्री श्याम बिहारी चौधरी की दलील थी कि संबद्धता से संबंधित दस्तावेज साथ हैं। शिक्षक संघ ने भी उनके आंदोलन को समर्थन दिया है। अपनी एकजुटता से शिक्षामित्र इसका जवाब देंगे।