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Siddharthnagar News: नियमित होगी स्कूलों के वाहनों की जांच, अपडेट करने होंगे दस्तावेज

Sat, 04 Apr 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 04 Apr 2026 12:00 AM IST
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School vehicles will be regularly inspected and documents will have to be updated.
सिद्धार्थनगर। अब बिना मानक पूरा किए कोई भी विद्यालय वाहन संचालित नहीं होने पाएगा। हर हाल में फिटनेस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे करने ही होंगे। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो वाहनों को सीज करने के साथ ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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शासन ने इस संबंध में 15 अप्रैल तक जांच कर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। हर दिन की कार्रवाई को पोर्टल पर अपडेट करके जानकारी देनी होगी।
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स्कूली वाहनों से होने वाले सड़क हादसों को देखते हुए शासन सख्त है। बड़े पैमाने पर विद्यालयों में बिना पंजीकरण के ही स्कूली वाहन चलाए जा रहे हैं। जब कोई हादसा होता है ताे पता चलता कि वाहन स्वामी ने कोई कागजात पूरे ही नहीं किए और अनफिट वाहन से हादसे हो रहे हैं।
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ऐसे में मामले को रोका जा सके, इसके लिए शासन ने विद्यालय वाहनों की जांच के लिए 1 से 15 अप्रैल तक तिथि तय कर दी है। इसमें जांच करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। इसकी नियमित प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करनी है।
पहले दिन की कार्रवाई में आरटीओ बस्ती की ओर से दो स्कूली वाहनों का चालान किया जा चुका है। प्रदेश में विशेष स्कूली वाहन फिटनेस अभियान शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत स्कूल बसों और अन्य वाहनों की 100 प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाएगी।
इस अभियान के जरिये न सिर्फ कागजी औपचारिकताओं बल्कि वाहनों की वास्तविक स्थिति की भी गहन पड़ताल की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मानकों पर खरा न उतरने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई होगी।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि पहली बार UP-ISVMP (इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल) के जरिये सभी स्कूली वाहनों की पूरी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज और मॉनिटर की जाएगी।
1 से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान में पंजीकरण, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) और वाहनों की भौतिक स्थिति की बारीकी से जांच की जाएगी। जो वाहन फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनकी फिटनेस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी और नई फिटनेस तभी जारी होगी, जब सभी खामियां दूर कर ली जाएंगी। इसके साथ ही अभियान की रोजाना प्रगति रिपोर्ट क्यूआर कोड आधारित पोर्टल पर अपडेट की जाएगी, जिससे अधिकारी रियल टाइम में हर जिले की स्थिति पर नजर रख सकेंगे।

यह पहली बार है जब स्कूली वाहनों की निगरानी के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेगी। शासन का मानना है कि इस पहल से स्कूली बच्चों की यात्रा और अधिक सुरक्षित होगी और सड़क हादसों में कमी आएगी। वहीं अभिभावकों को भी राहत मिलेगी कि उनके बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहन पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हैं।
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