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क्रेय केंद्र पर सन्नाटा, खेत में खरीद
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 07 Apr 2017 10:54 PM IST
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अलीदापुर पीसीएफ क्रय केंद्र सुनसान पड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। गेहूं खरीद सरकार की प्राथमिकता में भले ही हो, मगर यहां जिम्मेदार इस पर गंभीर नहीं है। खरीद शुरू होने के सात दिनों बाद भी क्रय केंद्रों पर माकूल इंतजाम नहीं हुए हैं। अधिकांश केंद्रों पर छाया, पानी और किसानों के बैठने की व्यवस्था नहीं है तो कई केंद्रों पर भंडारण के लिए गोदाम ही नहीं है। इतना ही नहीं, सरकारी केंद्र की बजाए कहीं निजी भवन तो कहीं खेत में खरीद हो रही है। किसानों को तय रेट भी नहीं दिया जा रहा। बर्डपुर जब अमर उजाला की टीम ने पड़ताल किया तो विकासखंड में स्थापित क्रय केंद्रों का शुक्रवार को कुछ ऐसा ही हाल दिखा। विभिन्न केंद्रों पर पड़ताल के दौरान सरकारी व्यवस्था पूरी तरह धराशाई दिखी।
बर्डपुर विकास खंड में स्थापित चार क्रय केंद्रों के मार्फत अभी 392 कुंतल गेहूं ही खरीदा जा सका है। बर्डपुर कस्बे में स्थापित खाद्यान्न विभाग के क्रय केंद्र को छोड़ दें तो बाकी तीन पर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि खरीद शुरू होने का रजिस्टर इन केंद्रों पर बकायदा मौजूद है। कई स्थान पर खेतों से गेहूं की प्राइवेट खरीद सरकारी बोरों में होती पाई गई। किसानों के लिए बैठने की कोई व्यवस्था और शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का आदेश केंद्रों पर तार तार हो रहा है। क्रय केंद्र की अव्यवस्थाओं के बारे में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव का कहना था कि जिन केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही है, उसकी जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसान हित में काम न करने वाले केंद्रों को बंद भी कराया जाएगा। पारदर्शी पूर्ण ढंग से खरीद को लेकर विभाग कटिबद्ध है। कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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बर्डपुर विकास खंड में स्थापित चार क्रय केंद्रों के मार्फत अभी 392 कुंतल गेहूं ही खरीदा जा सका है। बर्डपुर कस्बे में स्थापित खाद्यान्न विभाग के क्रय केंद्र को छोड़ दें तो बाकी तीन पर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि खरीद शुरू होने का रजिस्टर इन केंद्रों पर बकायदा मौजूद है। कई स्थान पर खेतों से गेहूं की प्राइवेट खरीद सरकारी बोरों में होती पाई गई। किसानों के लिए बैठने की कोई व्यवस्था और शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का आदेश केंद्रों पर तार तार हो रहा है। क्रय केंद्र की अव्यवस्थाओं के बारे में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव का कहना था कि जिन केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही है, उसकी जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसान हित में काम न करने वाले केंद्रों को बंद भी कराया जाएगा। पारदर्शी पूर्ण ढंग से खरीद को लेकर विभाग कटिबद्ध है। कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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