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सड़क पर खड़े होते ही रोड डायरेक्ट्री एप बता देगा मार्ग का इतिहास

Sun, 12 Sep 2021 10:44 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 10:44 PM IST
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सड़क पर खड़े होते ही रोड डायरेक्ट्री एप बता देगा मार्ग का इतिहास
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परमात्मा शुक्ल
सिद्धार्थनगर। जिले की ढाई हजार से अधिक ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की सड़कों का इतिहास मार्ग पर खड़े होते ही आप जान सकेंगे। इसमें आपकी मदद करेगा रोड डायरेक्ट्री एप खोलेंगे। फिलहाल जिले की पांच सौ से अधिक सड़कों की जिओ टैगिंग पूरी हो चुकी है। जल्द ही अन्य सड़कों की फीडिंग व जिओ टैगिंग के बाद यह एप संचालित हो जाएगा। जनपद स्तर पर विकास विभाग के समन्वय से यह नई पहल की जा रही है।
अगर आपके क्षेत्र की सड़क जर्जर है और इसकी मरम्मत के लिए शिकायत करनी है तो निर्माण करने वाले कार्यदायी संस्था, लागत, समय और मरम्मत आदि की जानकारी के लिए कई विभागों से संपर्क करना पड़ता है। यहां तक कि अगर ग्रामीणों ने शिकायत कर दी और अगर कोई अधिकारी मौके पर जांच करने जाता तो उन्हें भी सड़क के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए कसरत करनी पड़ती थी। इससे सड़क के निर्माण संबंधी कार्यदायी संस्था की जानकारी नहीं होने से उसके संरक्षण एवं मरम्मत की जवाबदेही तय करने में दिक्कत होती थी। ऐसे में विकास विभाग ने सड़क निर्माण संबंधी सभी कार्यदायी संस्थाओं के समन्वय से नयी पहल की शुरूआत की है। सभी कार्यदायी संस्थाएं अपनी सड़कों की फीडिंग के साथ ही जिओ टैगिंग कर रोड डायरेक्ट्री एप से जोड़ रही हैं। जिससे संबंधित सड़क पर खड़े होकर एप खोलते ही सड़क का पूरा इतिहास सामने आ जाएगी।
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सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि इस एप में जिले की सभी सड़कों की पूरी जानकारी अपलोड रहेगी। जिसे खोलने पर संबंधित सड़क के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह जनपद स्तर पर सड़क निर्माण संबंधी कार्यदायी संस्थाओं के समन्वय की जा रही नई पहल है। जिसे डीएम दीपक मीणा के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा, जो प्रदेश स्तर भी लागू हो सकती है। (संवाद)
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एप में यह जानकारियां होंगी फीड
रोड डायरेक्ट्री एप में संबंधित सड़क निर्माण की कार्यदायी संस्था, कब और कितनी लागत से सड़क बनी, सड़क की लंबाई, कहां से कहां तक, सड़क का नाम, संरक्षण की अवधि और जिम्मेदार संस्था व ठेकेदार की जानकारी होगी। अंतिम बार सड़क की कब और कितनी लागत से मरम्मत हुई आदि जानकारियां होगी।
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