{"_id":"5728e7ff4f1c1b55305cd343","slug":"ration-distribution-fault-villagers-angered","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्यान्न वितरण में मिली गड़बड़ी, ग्रामीण भड़के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्यान्न वितरण में मिली गड़बड़ी, ग्रामीण भड़के
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 03 May 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
बांसी तहसील गेट पर खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी मामले में प्रर्दशन करतीं गांव की महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांसी। खाद्यान्न वितरण में अनियमितता पर ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में तहसील कार्यालय पहुंचकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और तहसील प्रशासन को ज्ञापन देकर कोटेदार पर कार्रवाई की मांग की।
चेतावनी दी कि अगर शीघ्र जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरा गांव आंदोलन को बाध्य होगा। मामला खेसरहा ब्लाक के मसैचा व पिपरा दोयम गांव का है। एसडीएम ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए वापस भेजा।
तहसील कार्यालय पहुंचे खेसरहा ब्लाक के मसैया व पिपरा दोयम के ग्रामीण कोटेदार के रवैए पर उग्र थे। उनका आरोप था कि कोटेदार खाद्यान्न का समुचित वितरण नहीं कर रहा। चार माह से गांव में वितरण ठप है।
विज्ञापन
अंत्योदय व पात्र गृहस्थी श्रेणी के लाभार्थियों की सूची में मनमाने ढंग से बदलाव किया गया है। इससे कई पात्र सूची के बाहर हो गए हैं, जबकि धनाढ्य, साधन संपन्न लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। कोटेदार की मनमानी के कारण गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ नहीं मिल पा रहा।
गांव में आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। इस मामले में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, मगर कार्रवाई के नाम पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। परमात्मा चौधरी व ग्राम प्रधान विपुल कुमार के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने तहसील के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम योगानंद पांडेय ने ग्रामीणों की शिकायत सुनी। बताया कि पहले की शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया है।
सूची में फेरबदल के आरोप की कमेटी बना कर जांच कराई जाएगी। सूची से सभी अपात्रों को बाहर किया जाएगा। शासन की प्राथमिकता में शामिल पात्र परिवारों को ही खाद्यान्न-तेल मिलेगा। प्रदर्शन करने वालों में रवीश चंद्र, संतराम, गया प्रसाद, रामदास, त्रिभुवन, अयोध्या, हजारी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
चेतावनी दी कि अगर शीघ्र जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरा गांव आंदोलन को बाध्य होगा। मामला खेसरहा ब्लाक के मसैचा व पिपरा दोयम गांव का है। एसडीएम ने ग्रामीणों को शांत कराते हुए वापस भेजा।
विज्ञापन
तहसील कार्यालय पहुंचे खेसरहा ब्लाक के मसैया व पिपरा दोयम के ग्रामीण कोटेदार के रवैए पर उग्र थे। उनका आरोप था कि कोटेदार खाद्यान्न का समुचित वितरण नहीं कर रहा। चार माह से गांव में वितरण ठप है।
विज्ञापन
अंत्योदय व पात्र गृहस्थी श्रेणी के लाभार्थियों की सूची में मनमाने ढंग से बदलाव किया गया है। इससे कई पात्र सूची के बाहर हो गए हैं, जबकि धनाढ्य, साधन संपन्न लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। कोटेदार की मनमानी के कारण गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ नहीं मिल पा रहा।
गांव में आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। इस मामले में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, मगर कार्रवाई के नाम पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। परमात्मा चौधरी व ग्राम प्रधान विपुल कुमार के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने तहसील के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम योगानंद पांडेय ने ग्रामीणों की शिकायत सुनी। बताया कि पहले की शिकायत के आधार पर जांच कराई गई थी। कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया है।
सूची में फेरबदल के आरोप की कमेटी बना कर जांच कराई जाएगी। सूची से सभी अपात्रों को बाहर किया जाएगा। शासन की प्राथमिकता में शामिल पात्र परिवारों को ही खाद्यान्न-तेल मिलेगा। प्रदर्शन करने वालों में रवीश चंद्र, संतराम, गया प्रसाद, रामदास, त्रिभुवन, अयोध्या, हजारी प्रसाद आदि मौजूद रहे।