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राप्ती के उफान से लोगों के उड़े होश
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 22 Jul 2016 10:36 PM IST
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ग्राम गागापुर में नदियों का जलस्तर बढ़ने से सड़क पर चढ़ा पानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में दहशत फैल गई है। नदी का पानी शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग तक पहुंचने के करीब है। गागापुर व बिजौरा के बीच नदी, मुख्य मार्ग से महज पांच से दस फिट की दूरी तक पहुंच गई है। सड़क से कुछ ही दूरी पर बह रही नदी के कटान से आसपास के गांव के लोग खौफजदा हैं। गागापुर मेें बद्री गौतम अपना घर छोड़ने की तैयारी में हैं।
घर के करीब तक नदी के पहुंचने के कारण प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान तक जाने की हिदायत दी है। बद्री ने बताया कि बारिश से पहले नदी, उनके घर से काफी दूर थी लेकिन कटान के चलते अब उनका घर तबाह होने के कगार पर पहुंच गया है। मजबूरन अब उन्हें अपने परिवार के जान-माल की सुरक्षा के लिए घर छोड़कर जाना पड़ रहा है। वहीं गागापुर निवासी ननकन पांडेय, बृजविहारी, बंशीधर गुप्ता और अजय तिवारी आदि ने बताया कि कुछ साल पहले तक नदी सड़क से काफी दूर बहती थी।
कटान होने से नदी सड़क तक पहुंच गई। कटान रोकने के नाम पर अब तक केवल खानापूर्ति की गई, जिसके चलते सड़क के साथ-साथ आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद यदि सड़क कट गई तो भारी तबाही मचेगी।
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प्रभारी डीएम अखिलेश तिवारी नदियों के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। बाढ़ का पानी जिले तक आने मेें करीब 48 घंटे लगते हैं। बावजूद इसके सभी मातहतों को किसी भी दशा से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। गागापुर में राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर व कटान पर नजर रखी जा रही है। मौके पर अधिकारियों को भेजा गया था। नदी के करीब मौजूद एक के घर के लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए कहा गया है।
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घर के करीब तक नदी के पहुंचने के कारण प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थान तक जाने की हिदायत दी है। बद्री ने बताया कि बारिश से पहले नदी, उनके घर से काफी दूर थी लेकिन कटान के चलते अब उनका घर तबाह होने के कगार पर पहुंच गया है। मजबूरन अब उन्हें अपने परिवार के जान-माल की सुरक्षा के लिए घर छोड़कर जाना पड़ रहा है। वहीं गागापुर निवासी ननकन पांडेय, बृजविहारी, बंशीधर गुप्ता और अजय तिवारी आदि ने बताया कि कुछ साल पहले तक नदी सड़क से काफी दूर बहती थी।
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कटान होने से नदी सड़क तक पहुंच गई। कटान रोकने के नाम पर अब तक केवल खानापूर्ति की गई, जिसके चलते सड़क के साथ-साथ आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद यदि सड़क कट गई तो भारी तबाही मचेगी।
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प्रभारी डीएम अखिलेश तिवारी नदियों के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। बाढ़ का पानी जिले तक आने मेें करीब 48 घंटे लगते हैं। बावजूद इसके सभी मातहतों को किसी भी दशा से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। गागापुर में राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर व कटान पर नजर रखी जा रही है। मौके पर अधिकारियों को भेजा गया था। नदी के करीब मौजूद एक के घर के लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए कहा गया है।